Patna

कोसी को मिलेगी हवाई कनेक्टिविटी की सौगात, 42.52 करोड़ से होगा सहरसा एयरपोर्ट का विकास

पटना.कोसी के लोगों के लिए सहरसा एयरपोर्ट अब सिर्फ एक पुराना सपना नहीं रह गया है. लंबे समय से हवाई सेवा का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अब विकास की प्रक्रिया जमीन पर उतरती दिख रही है. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने सहरसा स्थित मौजूदा हवाई अड्डे के विकास और उन्नयन के लिए 42.52 करोड़ रुपये की निविदा जारी कर दी है. एयरपोर्ट को छोटे क्षेत्रीय विमानों के परिचालन के अनुकूल तैयार किया जाएगा और इसके लिए काम पूरा करने की समय-सीमा 450 दिन तय की गयी है.बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स हैंडल पर इसकी जानकारी साझा की है. निविदा जारी होने के साथ ही सहरसा और पूरे कोसी क्षेत्र में हवाई कनेक्टिविटी की उम्मीद एक बार फिर मजबूत हुई है. हालांकि एयरपोर्ट का निर्माण और उन्नयन पूरा होने के बाद विमान सेवा शुरू करने के लिए जरूरी नियामकीय प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होंगी.

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सिर्फ रनवे नहीं, पूरा एयरपोर्ट होगा अपग्रेड

सहरसा एयरपोर्ट के विकास की योजना केवल रनवे को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है. प्रस्तावित परियोजना में एयरपोर्ट की कई अहम सुविधाओं का निर्माण और उन्नयन किया जाना है.निविदा के तहत रनवे, टैक्सी-वे और एप्रन को विकसित किया जाएगा. इसके साथ परिधीय सड़क, जीएसइ एरिया, वाहन मार्ग और इमरजेंसी एक्सेस रोड जैसे जरूरी हिस्सों पर भी काम होगा.

 

रनवे एंड सेफ्टी एरिया और रनवे बेसिक स्ट्रिप को भी विकसित किया जाएगा. इन सभी सुविधाओं का उद्देश्य एयरपोर्ट को निर्धारित श्रेणी के विमानों के परिचालन के लिए जरूरी मानकों के अनुरूप तैयार करना है.

 

कोड-2बी श्रेणी के विमानों के लिए तैयार होगा एयरपोर्ट

सहरसा एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के विमानों के संचालन के अनुरूप विकसित करने की योजना है. इसका मतलब है कि एयरपोर्ट पर ऐसे छोटे क्षेत्रीय विमानों के परिचालन के लिए आवश्यक आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा.इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए हवाई यात्रा का विकल्प नजदीक आ सकेगा. फिलहाल क्षेत्र के लोगों को हवाई यात्रा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर रहना पड़ता है. एयरपोर्ट विकसित होने के बाद यह दूरी और यात्रा का समय दोनों कम होने की उम्मीद है.

 

12 एकड़ जमीन के लिए राज्य सरकार खर्च करेगी 147 करोड़

सहरसा एयरपोर्ट के विस्तार में जमीन भी एक अहम मुद्दा है. प्रस्तावित रनवे के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि की जरूरत है. इसके लिए राज्य सरकार 12 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करीब 147 करोड़ रुपये की लागत से कर रही है.

 

जमीन अधिग्रहण का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी. अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह जमीन भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को उपलब्ध करायी जाएगी. इससे एयरपोर्ट के विकास कार्य के लिए जरूरी जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी.यानी एयरपोर्ट के विकास पर होने वाला खर्च केवल 42.52 करोड़ रुपये की निर्माण निविदा तक सीमित नहीं है. जमीन अधिग्रहण के लिए भी राज्य सरकार बड़ी राशि खर्च कर रही है.

 

450 दिनों में पूरा करना होगा काम

एएआई की ओर से जारी निविदा में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 450 दिनों की समय-सीमा तय की गयी है. अब निर्माण एजेंसी के चयन और उसके बाद कार्य शुरू होने पर इस समय-सीमा के भीतर परियोजना को पूरा करना होगा.यहां प्रशासनिक स्तर पर सबसे बड़ी चुनौती तय समय में जमीन उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य को मानकों के अनुरूप पूरा कराने की होगी. एयरपोर्ट जैसी परियोजना में निर्माण के साथ सुरक्षा और तकनीकी मानकों का पालन भी बेहद महत्वपूर्ण होता है.

 

कोसी के कारोबार और रोजगार को मिल सकती है नयी रफ्तार

सहरसा एयरपोर्ट का विकास केवल यात्रियों के लिए हवाई सुविधा का मामला नहीं है. बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा असर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है.

 

हवाई सेवा शुरू होने से व्यापारियों, कारोबारियों, नौकरीपेशा लोगों और दूसरे शहरों में पढ़ने वाले छात्रों को फायदा हो सकता है. पर्यटन के लिहाज से भी सहरसा और आसपास के क्षेत्रों की पहुंच बढ़ सकती है. बाहर से आने वाले निवेशकों और कारोबारियों के लिए भी यात्रा आसान होगी.स्थानीय स्तर पर इसका असर परिवहन, होटल, रेस्तरां और दूसरे सेवा क्षेत्र के कारोबार पर भी पड़ सकता है. लंबे समय में रोजगार के नये अवसर पैदा होने की उम्मीद भी है.

 

वर्षों के इंतजार के बाद अब आगे क्या?

सहरसा में एयरपोर्ट की चर्चा वर्षों से होती रही है. स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही रहा है कि हवाई सेवा आखिर कब शुरू होगी. अब 42.52 करोड़ रुपये की निविदा जारी होने और जमीन अधिग्रहण की दिशा में राज्य सरकार की ओर से बड़ी राशि खर्च किये जाने के बाद परियोजना आगे बढ़ती दिख रही है.अगला महत्वपूर्ण चरण निर्माण एजेंसी का चयन और जमीन की उपलब्धता होगा. इसके बाद निर्धारित 450 दिनों में निर्माण कार्य पूरा करना होगा. परियोजना के पूरा होने के बाद विमान संचालन से जुड़ी आवश्यक मंजूरियां और प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी.

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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