11 माह पहले आई बोट, अब तक वाटर मेट्रो नहीं हुई शुरू:चार्जिंग स्टेशन नहीं बने
पटना सिटी से लेकर दीघा घाट तक गंगा में वाटर मेट्रो चलाने का प्रोजेक्ट साल 2025 में आया था। 11 महीने बीत जाने के बाद भी यह शुरू नहीं हुआ है। कारण पर्यटन विकास निगम ने दीघा घाट से कंगन घाट के बीच चार जगहों पर चार्जिंग स्टेशन अभी नहीं बनवाया है। पिछले साल सितंबर में गुजरात से दो वाटर मेट्रो बोट मंगाई गई, जो गायघाट पर धूल फांक रही है।
निगम के अधिकारी बताया कि अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण के स्तर से कार्य लंबित है। इस संबंध में भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण पटना के निदेशक अरविंद कुमार से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
चार्जिंग स्टेशन और जेटी का काम अटका
तय योजना के तहत कंगन घाट, गायघाट, गांधी घाट तथा दीघा घाट पर आधुनिक चार्जिंग स्टेशन बनाना था। फिलहाल केवल गांधी घाट पर ही चार्जिंग स्टेशन बना है। दीघा घाट पर इसका निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा, लोगों के चढ़ने-उतरने के लिए जरूरी फ्लोटिंग जेटी भी अभी तक नहीं आया है। इन अधूरे इंतजामों के कारण वाटर मेट्रो शुरू होने में देर हो रही है।
वाटर मेट्रो बोट में 75 यात्रियों की क्षमता
एक वाटर मेट्रो बोट में 50 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था है। इसके अलावा, 25 यात्री खड़े होकर भी यात्रा कर सकते हैं। यह बाोट आधुनिक नेविगेशन, लाइफ जैकेट और सुरक्षा प्रणालियों से लैस है। इससे पर्यटकों को पटना के खूबसूरत घाटों का शानदार नजारा दिखेगा।वाटर मेट्रो सेवा को जल्द धरातल पर उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर वाटर मेट्रो के संचालन की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा। -केदार प्रसाद गुप्ता, पर्यटन मंत्री
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
