समस्तीपुर में थानेश्वर मंदिर के पास अतिक्रमण हटा:दुकानदार बोले-बिना व्यवस्था हटाना ठीक नहीं
समस्तीपुर में नगर निगम ने शनिवार को थानेश्वर मंदिर के आसपास अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सड़क किनारे लगी फल, फूल-माला, प्रसाद, श्रृंगार सामग्री और मोबाइल समेत दर्जनों फुटपाथी दुकानें बुलडोजर से हटा दी गईं। कार्रवाई के समय बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
नगर निगम की इस कार्रवाई के बाद दुकानदारों में आक्रोश और मायूसी का माहौल देखा गया। दुकानदारों का कहना है कि वे वर्षों से इसी स्थान पर दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते आ रहे थे। अचानक दुकानें हटाए जाने से उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।दुकानदारों ने बताया कि थानेश्वर मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। मंदिर के गेट और आसपास फल, फूल-माला, प्रसाद तथा पूजा सामग्री की दुकानें लगाकर वे अपने परिवार का गुजारा करते थे। विशेष रूप से श्रावणी पूजा के दौरान यहां श्रद्धालुओं की संख्या और उनकी आय बढ़ जाती है।
फूल-माला की दुकान लगाने वाला बोला- 42 साल से दुकान लगाता हूं, कहां जाऊंगा
थानेश्वर मंदिर के मुख्य गेट के समीप फूल-माला और प्रसाद की दुकान लगाने वाले महेश झा ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि वह पिछले करीब 42 वर्षों से इसी स्थान पर दुकान लगाकर अपने परिवार के सदस्यों का भरण-पोषण कर रहे थे। महेश झा के अनुसार, यह दुकान ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन थी, और अब दुकान हट जाने के बाद उनके सामने परिवार के खर्च चलाने का सवाल खड़ा हो गया है।
मंदिर के बगल में फल की दुकान लगाने वाले पंकज कुमार ने बताया कि वह करीब 15 वर्षों से फल की दुकान चला रहे थे। इसी दुकान से होने वाली आमदनी से वे पांच लोगों के परिवार का भरण-पोषण करते थे। पंकज कुमार ने कहा कि दुकान हटाए जाने से उनके परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होगी।उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि यदि दुकान लगाने के लिए कोई वैकल्पिक जगह उपलब्ध करा दी जाए तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट कुछ हद तक दूर हो सकता है।
मोबाइल की दुकान चलाने वाले मिथुन कुमार ने बताया कि वह वर्ष 2018 से यहां मोबाइल से संबंधित दुकान चला रहे थे। दुकान की आमदनी से परिवार के कई सदस्यों का खर्च चलता था। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के दुकान हटा दिए जाने से उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।इसी तरह फल की दुकान लगाने वाली मीना देवी एवं श्रृंगार की दुकान चलाने वाली समसा खातून ने बताया कि वे लोग करीब 30 वर्षों से दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही थीं। उनका कहना था कि वर्षों से दुकान लगाकर किसी तरह परिवार का खर्च चला रही थीं।
अब दुकान हट जाने के बाद उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि दुकान हटाने के बाद वे लोग अपना कारोबार कहां करेंगे और परिवार का भरण-पोषण कैसे करेंगे।दुकानदारों का कहना है कि अतिक्रमण हटाने से पहले यदि उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाता तो उन्हें इतनी परेशानी नहीं होती। उनका आरोप है कि दुकान हटने से उनकी रोजाना की कमाई पूरी तरह बंद हो गई है।
कई दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की कि उन्हें मंदिर के आसपास या शहर में किसी उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित तरीके से दुकान लगाने की अनुमति दी जाए, ताकि उनकी आजीविका चलती रहे और श्रद्धालुओं को भी परेशानी नहीं हो।श्रावणी मेले के दौरान थानेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ जुटती है। दूसरे सोमवार से पहले संभावित भीड़ की सुरक्षा को लेकर नगर निगम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अतिक्रमण हटाया गया: निगम पदाधिकारी
इधर, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर नगर निगम पदाधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा के निर्देश के बाद नगर निगम की ओर से थानेश्वर मंदिर के आसपास सड़क किनारे लगाए गए फुटपाथी दुकानों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है।उन्होंने बताया कि शहर के प्रसिद्ध थानेश्वर मंदिर में श्रावणी पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी तरह की परेशानी नहीं हो और मंदिर के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे, इसी उद्देश्य से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
