Samastipur

समस्तीपुर जिले में अवैध अस्पतालों का जाल कार्रवाई के अभाव में फलफूल रहे,दलसिंहसराय में जा रही कई जाने

समस्तीपुर.स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण जिले में अवैध निजी अस्पतालों का खुलेआम संचालन हो रहा है। ये निजी अस्पताल नियमों को नहीं मानते और ना ही उनमें कार्रवाई का डर है। इन निजी अस्पतालों में मरीजों का आर्थिक रूप से जमकर शोषण किया जाता है।

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स्वास्थ्य विभाग ऐसे निजी अस्पतालों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं करती है। कुछ मामलों में ऐसे अस्पतालों को सील करने व एफआईआर की कार्रवाई की जाती है, लेकिन बावजूद ये निजी अस्पताल खुलेआम संचालित होते रहते हैं। अभी कुछ दिनों पूर्व ही शहर के आठ प्रमुख निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम के प्रबंधकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह कार्रवाई एसडीओ द्वारा 10 जून को किए गए औचक निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने की थी। उनमें से कई अस्पतालों ने स्वास्थ्य विभाग के नोटिस तक का जवाब नहीं दिया है।

 

वही दलसिंहसराय में इन अवैध अस्पतालो में हर महीने कई की जा रही है. परन्तु पैसो के बल पर लाशो का सौदा कर मामले को दबा दिया जाता है. कई मामले विभाग के पास गए परन्तु विभाग भी खाना पूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल देता है. कई लोगो का यहाँ तक कहना है की इन अस्पताल वालो से मोटी रकम स्वास्थ विभाग को पहुँचती है जिस कारण यह कोई भी करवाई नहीं करती।

 

पिछले वर्ष तत्कालीन सिविल सर्जन के निर्देश पर कल्याणपुर प्रखंड के सात अवैध नर्सिंग होम संचालकों व अक्षम रूप से कार्यरत चिकित्सक के विरुद्ध अवैद्य रूप से नर्सिंग होम संचालन, मरीजों को बहला फुसलाकर अवैद्य वसूली करने एवं जैव चिकित्सा अपष्टि अधिनियम 2016 के उल्लंघन को लेकर स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गई थी। इसमें बरहेता चौक स्थित निष्ठा पॉली क्लिनिक को सील कर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। वहीं, मिली जानकारी के अनुसार निष्ठा की जगह अब प्रतिष्ठा पॉली क्लिनिक के नाम से एक नया निजी अस्पताल संचालित हो रहा है।

 

सरायरंजन थाना क्षेत्र के कल्याणपुर स्थित विनोद नर्सिंग होम में बीते 5 अगस्त को इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत हो गई। मौत से आक्रोशित परिजनों नर्सिंग होम में जमकर हंगामा किया। प्रसव पीड़ा होने पर गांव की आशा कार्यकर्ता उन्हें सरकारी अस्पताल की जगह विनोद नर्सिंग होम ले गई। आरोप है कि डॉ. मनीष कुमार ने ऑपरेशन से प्रसव कराया, जिसके बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। ऑपरेशन के दौरान नस कटने से अत्यधिक ब्लीडिंग हुई थी और महिला की मौत हो गई। विनोद नर्सिंग होम में इसी वर्ष फरवरी माह में ऑपरेशन के दौरान महिला और नवजात शिशु की मौत हो गई थी। महिला को एक आशा कार्यकर्त्ता ने वहां भर्ती कराया था।

 

अवैध रूप से चल रहे निजी अस्पतालों के विरुद्ध जांच उपरांत कार्रवाई की जा रही है। बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों को चिन्हित कर सील करने के साथ संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। – डॉ. राजीव कुमार, सिविल सर्जन, समस्तीपुर

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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