महाजाम में समस्तीपुर शहर,नए रूट चार्ट ने छुड़ाए पसीने,ट्रेन तक रोकनी पड़ी
समस्तीपुर: विकास की कछुआ चाल और प्रशासनिक अदूरदर्शिता का खामियाजा एक बार फिर समस्तीपुर शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है. शहर के ओवरब्रिज का जीर्णोद्धार और ताजपुर रोड में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य क्या शुरू हुआ, पूरे शहर की रफ्तार पर ही ब्रेक लग गया है. सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा लागू किया गया नया यातायात रूट चार्ट आम लोगों के लिए राहत के बजाय ‘जी का जंजाल’ बन गया. बदइंतजमी का आलम यह रहा कि सड़कों का जाम अब रेलवे ट्रैक तक पहुँच गया है, जिससे सोमवार को एक बड़ा रेल व्यवधान भी देखने को मिला.
जाम के फेर में फंसी ट्रेन, भोला टॉकीज गुमटी पर हाई वोल्टेज ड्रामा
सोमवार को शहर में लगा जाम इस कदर विकराल था कि इसका सीधा असर रेल परिचालन पर पड़ा. भोला टॉकीज गुमटी पर वाहनों का ऐसा रेला उमड़ा कि सही समय पर गुमटी (रेलवे फाटक) बंद करना नामुमकिन हो गया. इस भारी लापरवाही और जाम के कारण डाउन दिशा में जा रही गाड़ी संख्या 15232 (गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस) को आउटर पर ही कुछ देर के लिए रुकना पड़ा. रेल पटरी के पास मचे इस हड़कंप ने प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी कि रूट डायवर्जन से पहले कोई ठोस तैयारी की गई थी.
घंटों रेंगता रहा शहर, लाचार दिखी यातायात पुलिस
नया रूट चार्ट लागू होते ही सोमवार सुबह से ही शहर के प्रमुख मार्ग—ताजपुर रोड, स्टेशन रोड, और डीआरएम ऑफिस रोड—पूरी तरह से चोक हो गए. गाड़ियां रेंगती नजर आईं और चौराहों पर तैनात यातायात पुलिस मूकदर्शक और लाचार बनी रही. इस महाजाम के कारण सैकड़ों कामकाजी लोग, महिलाएं और स्कूली बच्चे घंटों धूप और उमस में फंसे रहे. स्थिति इतनी भयावह थी कि लोग सही समय पर अपने कार्यालय और गंतव्य तक नहीं पहुँच सके.
पैदल चलने को मजबूर हुए रेल यात्री
सबसे बदतर स्थिति उन यात्रियों की रही जिन्हें ट्रेन पकड़नी थी. स्टेशन रोड और डीआरएम ऑफिस रोड ब्लॉक होने के कारण गाड़ियां आगे नहीं बढ़ पा रही थीं. ऐसे में मजबूरन बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे अपने भारी-भरकम सूटकेस और बैग उठाकर रेलवे पटरी के किनारे-किनारे पैदल स्टेशन की ओर भागते दिखे. यात्रियों का कहना था कि प्रशासन के इस मिसमैनेजमेंट के कारण कई लोगों की ट्रेनें छूटने की कगार पर पहुँच गईं.
जनता की मांग: सिर्फ कागजी रूट चार्ट नहीं, जमीन पर चाहिए पुलिस बल
स्थानीय नागरिकों और राहगीरों में जिला प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है. आम लोगों का स्पष्ट कहना है कि प्रशासन केवल कागजों पर रूट चार्ट बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला नहीं झाड़ सकता. जब शहर के दो प्रमुख ब्रिजों पर एक साथ काम चल रहा है, तो डायवर्जन वाले पॉइंट पर अतिरिक्त बल क्यों नहीं दिया गया? जिला प्रशासन तुरंत शहर के सभी प्रमुख मोड़ों और जाम वाले हॉटस्पॉट पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करे. अब देखना यह है कि सोमवार की इस महाअव्यवस्था से सबक लेकर जिला प्रशासन अपने नए रूट चार्ट में क्या सुधार करता है या समस्तीपुर की जनता को आने वाले दिनों में भी इसी ‘नरक’ से दो-चार होना पड़ेगा.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
