नोटों की ट्रिपलिंग करने वाले 4 शातिर गिरफ्तार:1.26 करोड़ के नकली नोट बरामद
पटना.मोतिहारी पुलिस ने नोट डबलिंग-ट्रिपलिंग के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। करीब 12 घंटे की छापेमारी के बाद पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड समेत 4 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।आरोपियों के पास से करीब 1.26 करोड़ रुपए के नकली नोट, 13.20 लाख रुपए की ओरिजनल कैश, 38 नकली सोने के बिस्किट और हथियार बरामद हुए हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस की वर्दी भी मिली है।शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह कम समय में पैसे तीन गुना करने का झांसा देकर सीधे-साधे लोगों को ठगी का शिकार बनाता था। साथ ही भारतीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रहा था।सदर DSP-1 दिलीप कुमार के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पूरे नेटवर्क और ठगी करने की जानकारी दी।
फर्जी पुलिस बनकर लूट लेते थे रकम
DSP के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे नकली नोट दिल्ली से मंगवाकर सुरक्षित ठिकानों पर छिपाकर रखते थे। इसके बाद गांव-गांव जाकर लोगों को कम समय में रकम तीन गुना करने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाते थे।लोगों का भरोसा जीतने के लिए गिरोह पहले कुछ असली नोट देता था और पीड़ित से उन्हें बाजार में चलाकर जांचने के लिए कहता था। जब पीड़ित को यकीन हो जाता था, तब उससे बड़ी रकम लाने को कहा जाता था।
जैसे ही पीड़ित बड़ी रकम लेकर पहुंचता, गिरोह के अन्य सदस्य पुलिस की वर्दी पहनकर वहां पहुंच जाते थे। वे खुद को पुलिसकर्मी बताकर छापेमारी का नाटक करते और पीड़ित के पास मौजूद पूरी रकम जब्त करने के नाम पर लेकर फरार हो जाते थे।पीड़ित यह सोचकर पुलिस के पास शिकायत करने नहीं जाता था कि वह खुद भी ‘एक का तीन’ करने के लालच में आया था। इसी मनोवैज्ञानिक दबाव का फायदा उठाकर गिरोह लंबे समय तक सक्रिय रहा।
DSP दिलीप कुमार ने इस मामले को लेकर बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि भोपतपुर थाना क्षेत्र में एक गिरोह लोगों को ‘एक का तीन’ करने का झांसा देकर ठगी कर रहा है।सूचना मिलते ही SP स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर ट्रेनी DSP कुमारी प्रियंका और अभिषेक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम में सदर DSP के साथ दोनों प्रशिक्षु DSP, भोपतपुर, कोटवा, पिपरा कोठी, कल्याणपुर और मुफस्सिल थाना पुलिस के अलावा DEO की टीम को भी शामिल किया गया।इसके बाद विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें गिरोह के मास्टरमाइंड समेत चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
12 घंटे की कार्रवाई में 4 आरोपी गिरफ्तार
DSP के मुताबिक, करीब 12 घंटे तक चले अभियान में पुलिस ने गिरोह के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया। सबसे पहले भोपतपुर थाना क्षेत्र से सुलेमान अंसारी को पकड़ा गया।उसकी निशानदेही पर कोटवा के बनारसी साह, मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गोढ़वा निवासी इम्तियाज आलम और कल्याणपुर के मनोज राम को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से भारी मात्रा में नकली और असली नोट बरामद किए। इनमें 1.01 करोड़ रुपए के नकली इंडियन करेंसी, 13.20 लाख रुपए ओरिजनल करेंसी थे.सके अलावा कल्याणपुर से 26 लाख रुपए के ‘चिल्ड्रेन बैंक’ लिखे नकली नोट शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस ने पुलिस की वर्दी, सोने जैसे दिखने वाले 38 नकली बिस्किट और अन्य आपत्तिजनक सामान भी जब्त किया।
बैंक और ATM के बाहर भी बनाते थे शिकार
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य बैंक और एटीएम के बाहर भी लोगों को निशाना बनाते थे। रुपये गिनने या मदद करने के बहाने वे असली नोट बदलकर नकली नोट थमा देते थे और मौके से फरार हो जाते थे। इस तरीके से भी कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह का नेटवर्क बिहार के अलावा अन्य राज्यों तक फैला है या नहीं। साथ ही नकली नोटों की सप्लाई करने वाले स्रोत और गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
DSP दिलीप कुमार ने बताया कि इतने बड़े गिरोह का भंडाफोड़ पुलिस की सुनियोजित कार्रवाई का नतीजा है। अभियान में शामिल पुलिस अधिकारियों और जवानों ने करीब 12 घंटे तक लगातार अभियान चलाकर यह सफलता हासिल की। इस उपलब्धि पर पूरी टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की जाएगी.पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नोट डबल या ट्रिपल करने जैसे किसी भी लालच में न आएं। यदि कोई व्यक्ति इस तरह का झांसा दे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। अधिकारियों का कहना है कि थोड़े से लालच में आकर लोग ऐसे संगठित गिरोहों के शिकार बन जाते हैं.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
