वीरगंज में बंधक बनाकर रखी गई बिहार की नाबालिग छात्रा का रेस्क्यू, ढाई माह बाद सकुशल बरामद
पटना।रक्सौल : भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाल के पर्सा जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के मोतिहारी की एक नाबालिग छात्रा को बंधक अवस्था से सकुशल मुक्त कराया है. छात्रा को करीब ढाई माह पहले स्कूल से अगवा कर नेपाल लाया गया था और विभिन्न स्थानों पर रखने के बाद वीरगंज महानगरपालिका-24 के रामगढ़वा (रानीघाट) क्षेत्र में कैद करके रखा गया था. इस मामले का मुख्य आरोपी घटना के बाद से फरार है, जिसकी तलाश में नेपाल पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पर्सा जिला पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एवं डीएसपी हरि बहादुर बस्नेत ने बताया कि मोतिहारी जिले की रहने वाली लगभग 15 वर्षीय अमृता कुमारी (काल्पनिक नाम) का 2 अप्रैल को उसके स्कूल से ही कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था. आरोप है कि मोतिहारी जिले के केसरिया निवासी 25 वर्षीय चंदन कुमार उसे बहला-फुसलाकर नेपाल ले गया. पहले उसे जनकपुर में रखा गया और बाद में कई स्थानों पर ले जाने के बाद वीरगंज के रानीघाट क्षेत्र स्थित एक मकान में बंधक बनाकर रखा गया.
मोबाइल से पिता को दी सूचना, शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
पुलिस के अनुसार, बंधक बनी छात्रा ने किसी तरह मोबाइल फोन के जरिए अपने पिता से संपर्क कर अपनी आपबीती बताई. इसके बाद परिजनों ने सामाजिक संस्था स्वच्छ रक्सौल, बिहार पुलिस, नेपाल की सामाजिक संस्था आफन्त नेपाल तथा स्थानीय लोगों की मदद से रानीघाट पुलिस चौकी को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस सहायक निरीक्षक रामकुमार थिङ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों और आफन्त नेपाल संस्था के सहयोग से रामगढ़वा स्थित मकान में छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान छात्रा को सुरक्षित बरामद कर लिया गया.
कानूनी प्रक्रिया के बाद संस्था को सौंपा गया
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पीड़िता को संरक्षण एवं परामर्श के लिए आफन्त नेपाल संस्था के सुपुर्द कर दिया है. फिलहाल छात्रा सुरक्षित है और उसके परिजनों से संपर्क की प्रक्रिया जारी है. नेपाल पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी चंदन कुमार सहित वेद प्रकाश, रागिनी कुमारी, आस कुमार और दीपक कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके विरुद्ध अपहरण, मानव तस्करी और बंधक बनाने सहित अन्य धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जाएगी
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नशीले इंजेक्शन देने का आरोप
स्वच्छ रक्सौल संस्था के रंजीत सिंह ने बताया कि पीड़िता के परिजनों के अनुसार, बंधक बनाकर रखने के दौरान छात्रा को नशीला पेय पदार्थ पिलाया जाता था तथा उसे नशे के इंजेक्शन भी लगाए जाते थे, ताकि वह किसी प्रकार का विरोध न कर सके. हालांकि इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है.
सीमा सुरक्षा और मानव तस्करी पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी, नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा और सीमा पार अपराधों पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता को उजागर कर दिया है. पीड़िता के परिवार ने नेपाल पुलिस, बिहार पुलिस, आफन्त नेपाल, स्वच्छ रक्सौल संस्था तथा रेस्क्यू अभियान में शामिल सभी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
