संदिग्ध इंजेक्शन की जांच को बेबी केयर क्लीनिक पहुंची ड्रग इंस्पेक्टर टीम
मधुबनी।झंझारपुर नगर परिषद क्षेत्र मे हॉस्पिटल रोड की जाने वाली विजय राजपथ स्थित डॉ. रमन पासवान के बेबी केयर क्लीनिक में शुक्रवार को ड्रग इंस्पेक्टर मधुबनी की टीम जांच के लिए पहुंची. टीम ने क्लीनिक परिसर में संचालित दवा दुकान और उपचार से संबंधित अभिलेखों की जांच की तथा संदिग्ध इंजेक्शन के सैंपल जब्त कर जांच के लिए सुरक्षित किया.
जानकारी के अनुसार, 10 मई को बेहट गांव निवासी प्रमोद मुखिया की दो वर्षीय पुत्री राधिका कुमारी की इलाज के दौरान क्लीनिक में मौत हो गई थी. परिजनों ने बच्ची को गलत इंजेक्शन लगाए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए ड्रग विभाग की टीम जांच के लिए पहुंची.
जांच के दौरान टीम ने संदिग्ध इंजेक्शन के उपलब्ध वायल को 4 अलग-अलग पैकेट में पैक कर सील किया. एक पैकेट पर हस्ताक्षर कराने के बाद क्लीनिक संचालक डॉ. रमन पासवान को सौंपा गया, जबकि तीन पैकेट टीम अपने साथ ले गई.
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जब्त किए गए इंजेक्शन का एक सैंपल गुणवत्ता जांच के लिए कोलकाता भेजा जाएगा. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जब्त इंजेक्शन गल्फ कंपनी का “एमीके 250 एमजी” ब्रांड है, जिसका कंपोजिशन एमिकासिन है. जांच के लिए इंजेक्शन के वायल को विधिवत सील किया गया है. विभागीय प्रक्रिया के तहत एक सैंपल कार्यालय अभिलेख के लिए सुरक्षित रखा जाएगा, जबकि आवश्यकता पड़ने पर दूसरा नमूना न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा.
घटना के संबंध में डॉ. रमन पासवान ने बताया था कि बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर ऑक्सीजन की जरूरत महसूस हुई, जिसके बाद उसे अनुमंडल अस्पताल रेफर किया गया था. हालांकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी.
ड्रग विभाग की टीम ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इंजेक्शन की गुणवत्ता में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी या नहीं. इसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
