Patna

मोदी की हत्या की साजिश,बिहार से अमन सहित 3 गिरफ्तार:CIA से किया था संपर्क 

पटना.प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से जुड़ी संवेदनशील जानकारी लीक करने और इसके बदले विदेशों से पैसे मांगने के मामले में बक्सर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। डुमरांव अनुमंडल के सिमरी थाना क्षेत्र स्थित आशा पड़री गांव में बुधवार देर रात छापेमारी कर एक युवक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने विदेश में बैठे संदिग्ध लोगों से संपर्क कर न केवल गोपनीय जानकारी साझा करने की बात की, बल्कि 22 दिनों के अंदर प्रधानमंत्री पर हमले और सुरक्षा में सेंध लगाने की साजिश भी रची थी।

 

SP के निर्देश पर बनी टीम, देर रात छापेमारी

 

मामले की सूचना मिलते ही बक्सर SP शुभम आर्य के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आशा पड़री गांव में छापेमारी की और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।SP ने बताया कि अमन तिवारीने यूएएस की एजेंसी CIA को ईमेल कर संपर्क किया था। ईमेल के जरिए पैसे की डिमांड की। इसके बदले हम प्रधानमंत्री पर जानलेवा हमला कर सकते है। इस काम को पूरा करने के लिए 22 दिनों का वक्त मांगा था।

 

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अमेरिका (USA) की एजेंसी CIA से जुड़े लोगों से संपर्क साधा था।आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री से जुड़े मामलों में सुरक्षा में सेंध लगाने और हमले की योजना के एवज में पैसे की मांग की थी। हालांकि कितनी रकम मांगी गई थी, इस पर पुलिस ने कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार किया है।SP शुभम आर्य ने कहा कि मामला अत्यंत गोपनीय है और जांच पूरी होने के बाद ही इसका पूरा खुलासा किया जाएगा।सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी की पहचान अमन कुमार के रूप में हुई है। फिलहाल सभी आरोपियों को गुप्त स्थान पर रखकर गहन पूछताछ की जा रही है।

 

पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

 

पहले भी साइबर केस में हो चुकी है गिरफ्तारी

 

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अमन कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। साल 2022 में कोलकाता एयरपोर्ट को हैक करने की धमकी देने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था।उस समय कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की थी। इस बार मामला प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा होने के कारण इसकी गंभीरता कई गुना बढ़ गई है।

 

लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

 

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के घर से लैपटॉप सहित कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इन उपकरणों से डिजिटल सबूत मिलेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी किस स्तर तक सक्रिय थे और किन-किन लोगों से जुड़े थे।अमन के पिता गणेश तिवारी ने बताया कि वे उस समय पूजा में गए हुए थे। घर लौटने पर उन्हें घटना की जानकारी मिली।उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक यह नहीं पता कि उनका बेटा किस मामले में पकड़ा गया है और क्या आरोप हैं।

 

कमरा सील, गांव में दहशत का माहौल

 

घटना के बाद प्रशासन ने उस कमरे को सील कर दिया है, जहां अमन कुमार रहता था। बताया जा रहा है कि वह गांव में रहकर साइबर कैफे चलाता था।गिरफ्तारी के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अमन सामान्य जीवन जीता था, ऐसे में उस पर लगे इतने गंभीर आरोपों ने सभी को हैरान कर दिया है।

 

 

बड़ा सवाल: गांव से PMO तक कैसे पहुंची साजिश?

 

इस घटना ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि एक गांव में साइबर कैफे चलाने वाला युवक देश के सबसे संवेदनशील कार्यालय से जुड़ी साजिश में कैसे शामिल हो गया।फिलहाल बक्सर पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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