LPG नहीं मिलने पर लोगों का फूटा गुस्सा:हंगामा कर कहा- 45 दिन से चक्कर काट रहे
भागलपुर के नाथनगर स्थित साईं बाबा गैस एजेंसी में रसोई गैस की किल्लत को लेकर आज उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। एजेंसी परिसर में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने जमकर नाराजगी जताई और एजेंसी प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाया।उपभोक्ताओं का कहना है कि एक ओर जिले की अन्य गैस एजेंसियों में 20 से 25 दिनों के भीतर गैस सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है, वहीं इस एजेंसी में 45 दिनों से नंबर लगाने के बावजूद भी गैस उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
प्रदर्शन कर रहे उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस नहीं मिलने से उनके घरों में खाना बनाना तक मुश्किल हो गया है। कई परिवारों को मजबूरी में लकड़ी और अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। बार-बार एजेंसी का चक्कर लगाने के बावजूद भी उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है, लेकिन सिलेंडर नहीं मिलता है।
उपभोक्ता मनोज कुमार उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने डेढ़ महीने पहले गैस के लिए बुकिंग कराई थी, लेकिन अब तक सिलेंडर नहीं मिला। जब एजेंसी जाकर पूछताछ की जाती है तो कर्मियों की ओर से यह कहकर टाल दिया जाता है कि “मालिक नहीं हैं”। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मालिक मौजूद नहीं हैं तो क्या उपभोक्ताओं को गैस मिलना बंद हो जाएगा?उपभोक्ता शाहिदा परवीन ने बताया कि गैस की समस्या से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को हो रही है। रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं और छोटे-छोटे बच्चों वाले परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि एजेंसी प्रबंधन को उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए।
45 दिन पहले की थी बुकिंग, नहीं मिला LPG
मौके पर मौजूद संजय कुमार राम ने भी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यहां पारदर्शिता की कमी है। उपभोक्ताओं को यह तक नहीं बताया जाता कि गैस कब तक मिलेगी। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।जिला प्रशासन का दावा है कि भागलपुर में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है और सभी एजेंसियों को पर्याप्त आपूर्ति की जा रही है। इसके बावजूद नाथनगर की इस एजेंसी में लगातार हो रही देरी कई सवाल खड़े कर रही है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि अगर गैस की कोई कमी नहीं है तो फिर उन्हें समय पर सिलेंडर क्यों नहीं मिल रहा है। प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एजेंसी की कार्यप्रणाली की जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, इधर हंगामे की सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, जिसके बाद लोगों को समझाबुझाकर मामले को शांत करवाया।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
