Patna

80 करोड़ कमाने वाले DSP पर चलेगा मनी लॉड्रिंग का केस,निलंबन तय

पटना.काली कमाई से 80 करोड़ की संपत्ति बनाने वाले किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार पर अब मनी लॉन्ड्रिंग का भी केस दर्ज होगा। उनकी बेनामी संपत्ति का पता ईडी भी लगाएगी। ईओयू ने गौतम के छह ठिकानों से मिली चल-अचल संपत्ति की पूरी लिस्ट और डीए केस की कॉपी गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय को भी भेजी है। पुलिस मुख्यालय गौतम को पहले शोकॉज करेगा, उसके बाद उनके कारनामों की जांच भी कराएगा। उनका निलंबन तय माना जा रहा है।

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गौतम 1994 बैच के दारोगा हैं। प्रमोशन से इंस्पेक्टर और एसडीपीओ बने। जहां भी थानेदार रहे, वहां परिवार और दूसरों के नाम से जमीन खरीदी। पूर्णिया की रहने वाली गर्लफ्रेंड के नाम से भी ट्रक लिया। उसके खाते में रकम डाली। उस महिला मित्र के घर से जेवर खरीद की 10 रसीदें मिली हैं। उस महिला मित्र से एसडीपीओ को एक बच्चा भी है। एसडीपीओ के पास दो थार और एक क्रेटा गाड़ी है। क्रेटा अपने नाम पर, जबकि एक थार सास पूनम देवी और दूसरी किसी प्रकाश राय के नाम से है। गौतम के ठिकाने से पटना में एक अस्पताल बनाने का नक्शा भी मिला है। पटना के मुन्नाचक में भी उनका आलीशान मकान है। किशनगंज स्थित आवास से महंगी घड़ियां मिली हैं।

 

पत्नी के नाम से 4, प्रेमिका के नाम से 7 प्लॉट खरीदे

 

गौतम ने अपने नाम पर कहीं भी जमीन नहीं खरीदी। पूर्णिया में 16 प्लॉट खरीदे। इनमें गर्लफ्रेंड के नाम से 7, पत्नी रुबी कश्यप के नाम से 4, सास पूनम देवी के नाम से 3 और बेटे सिद्धार्थ गौतम के नाम से 1 प्लॉट है। पूर्णिया में 2.10 करोड़ का आलीशान मकान है। पूर्णिया के कोरटवाड़ी और खजांची हाट में 188.4 डिसमिल आवासीय भूमि और 155.72 डिसमिल कृषि भूमि इन लोगों के नाम से खरीदी है।

 

एसडीपीओ गौतम पुलिस मुख्यालय से क्लोज

 

किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार को पुलिस मुख्यालय से क्लोज कर दिया गया है। डीजीपी के आदेश पर आईजी मुख्यालय ने यह कार्रवाई की है। गौतम की जगह पर किशनगंज एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

 

सहरसा के डीआरडीए निदेशक पर भी कार्रवाई होगी

 

अवैध कमाई से 2016 से 2025 तक पटना, मुजफ्फरपुर समेत अन्य स्थानों पर 16 प्लॉट खरीदने वाले सहरसा के डीआरडीए के निदेशक वैभव कुमार की भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। ईओयू ने वैभव पर दर्ज एफआईआर की कॉपी और उनके द्वारा खरीदी गई जमीन-जायदाद की लिस्ट ग्रामीण विकास विभाग को भेज दी है।

 

विभाग से पूछा गया है—वैभव कहां-कहां पोस्टेड रहे? पिछले 13 साल में किन-किन योजनाओं में काम कराया? वैभव पर भी विभाग कार्रवाई कर सकता है। 12 साल की नौकरी के दौरान वैभव ने अपने, पत्नी नेहा नंदिनी, नाबालिग बेटे ऐश्वर्य भास्कर और पिता के नाम से 16 भूखंड खरीदे, जिनकी कीमत 10 करोड़ है। मुजफ्फरपुर में मकान खरीदा और उसे बनाने में 20 लाख खर्च किए। बेटे के नाम पर एनएच-28 पर मुजफ्फरपुर के हरिशंकर मनियारी के पास एक बीघा जमीन लीज पर लेकर आलीशान भवन बनाकर आईटीआई खोला। इसमें 1.5 करोड़ खर्च किए। पैतृक गांव मिश्र मनियारी, मुजफ्फरपुर में घर बनवाया, जिसमें 15 लाख खर्च किए। यह जमीन लोन पर उसके पिता ने खरीदी थी।

 

विधायक, एसडीपीओ और महिला मित्र की कड़ी को जोड़ रही ईओयू

 

ईओयू ने गौतम की चल-अचल संपत्ति को खंगालने के लिए अलग से टीम बनाई है। संपर्क में पूर्णिया के एक विधायक भी हैं। एसडीपीओ और विधायक ने सिलीगुड़ी में चाय का बागान लिया है। महिला मित्र एसडीपीओ के संपर्क में कैसे आई, इस तार को भी ईओयू जोड़ रही है। एसडीपीओ ने नोएडा और गुरुग्राम में भी फ्लैट खरीदे हैं। इसमें विधायक का भी पैसा है या नहीं, इसकी जांच शुरू हो गई है।दिए गए अनुच्छेद में वर्तनी (Spelling) और मात्राओं की कई अशुद्धियाँ थीं, विशेषकर ‘और’, ‘पत्नी’, ‘ईओयू’ जैसे शब्दों में। नीचे शुद्ध किया हुआ पाठ दिया गया है:

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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