दलसिंहसराय:आंधी-बारिश से गेहूं,मकई सहित रबी की फसलें हुई खराब, खड़ी फसलें गिरी
दलसिंहसराय क्षेत्र में शुक्रवार शाम आए तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई.इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की कमर टूट गई है,जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं, मकई सहित रबी की फसलें व्यापक रूप से प्रभावित हुई हैं.तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बिछ गईं,जिससे किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद हो गई.खासकर मकई और गेहूं की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है।
कई जगहों पर फसल के बचने की उम्मीद भी खत्म हो गई है.इस आपदा ने किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है.रामपुर जलालपुर, ढेपुरा,केवटा, पांड, अजनौल, बम्बईया हरलाल सहित कई क्षेत्र का हाल बुरा है.
मालपुर के किसान रंजीत कुमार मेहता ने बताया लगभग 5 एकड़ में लगे मंक्का का 60% एंव 6 एकड़ में लगे गेंहू का 50% नुकसान हुआ है.किसान उत्तम कुमार,माला देवी,ब्रजेश कुमार महतो,टिकेन्द्रर प्रसाद, बिनोद महतो,पिंकी देवी,मो.जाकिर हुसैन ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी,लेकिन आंधी-तूफान ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
अब उनके सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया है.उनकी मकई और गेहूं की पूरी फसल नष्ट हो गई है.चिंता जताते हुए कहा कि अब पूरे साल जीवनयापन कैसे होगा, यह सबसे बड़ी समस्या बन गई है. प्रभावित किसानों का कहना है कि इस नुकसान की भरपाई उनके बस की बात नहीं है.किसानों ने प्रशासन और राज्य सरकार से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है.किसानों ने आग्रह किया है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वेक्षण कराया जाए,ताकि वास्तविक क्षति का आकलन हो सके और उन्हें उचित मुआवजा मिल सके.साथ ही किसानों ने आपदा राहत कोष से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं मिली,तो उनके सामने भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. वर्तमान स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है और किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार उनकी परेशानी को समझते हुए जल्द राहत पहुंचाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
