पुलिस के दबाव में मरीज भर्ती करने से डॉक्टरों का इनकार,सीएस से की शिकायत
समस्तीपुर.विभूतिपुर.सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विभूतिपुर में पुलिस पदाधिकारियों द्वारा घायल मरीज को जबरन भर्ती करने और “फीट फोर कस्टडी” देने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धीरज कुमार ने असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी समस्तीपुर को लिखित शिकायत भेजी है।
बताया गया है कि 23 मार्च 2026 को मुस्तफापुर निवासी श्रवण कुमार झा (33 वर्ष) को सिर में गंभीर चोट के साथ इलाज के लिए सीएचसी विभूतिपुर लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया गया। शिकायत में कहा गया है कि उसी दिन रात में विभूतिपुर थाना के पदाधिकारी मरीज को लेकर पुनः सीएचसी पहुंचे और उसे यहीं भर्ती रखने के लिए दबाव बनाने लगे, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. पी.के. साह ने मरीज को दर्द का इंजेक्शन देकर फिर से समस्तीपुर ले जाने की सलाह दी।
पत्र के अनुसार 24 मार्च को भी थाना के पदाधिकारी मरीज को लेकर अस्पताल पहुंचे और या तो भर्ती करने या “फीट फोर कस्टडी” देने के लिए दबाव बनाने लगे, लेकिन चिकित्सकों ने मरीज की गंभीर स्थिति बताते हुए दोबारा रेफर कर दिया। आरोप है कि 25 मार्च को थाना प्रभारी सहित कई पुलिस पदाधिकारी कुछ मीडिया कर्मियों के साथ सीएचसी पहुंचे और ड्यूटी पर मौजूद महिला चिकित्सक डॉ. मधु कुमारी पर भी मरीज को भर्ती करने का दबाव बनाया। चिकित्सक द्वारा सदर अस्पताल ले जाने की सलाह देने पर अस्पताल परिसर में हंगामा और अमर्यादित टिप्पणी किए जाने की बात कही गई है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने अपने पत्र में लिखा है कि इस प्रकार की घटना बार-बार हो रही है, जिससे अस्पताल के कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही है। मामले को गंभीर बताते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।
^विभूतिपुर सीएचसी के चिकित्सक द्वारा जानबूझकर परेशान किया जाता है। इंजरी देने में लापरवाही की जाती है। लगाए गए आरोप गलत हैं। – सुनील कुमार झा, थानाध्यक्ष, विभूतिपुर
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
