Patna

दही-चूड़ा भोज में लालू का आशीर्वाद और तेजस्वी की गैरहाजिरी

पटना.बिहार की राजनीति से मकर संक्रांति और दही-चूड़ा का रिश्ता पुराना रहा है. हर साल यह भोज सियासी संकेत देता है. इस बार तेज प्रताप यादव के आवास पर हुआ दही-चूड़ा का भोज कुछ ज्यादा ही खास में है. इस भोज ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है.

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

 

पिछले कई महीनों से लालू परिवार में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था. तेज प्रताप के बागी तेवर, परिवार से दूरी और पार्टी से अलगाव. ऐसे माहौल में लालू प्रसाद यादव का खुद तेज प्रताप के घर पहुंचना बड़ा संदेश माना जा रहा है.काले चश्मे में लालू यादव जैसे ही तेज प्रताप के आंगन में पहुंचे, सियासी तापमान बढ़ गया. माना जा रहा है कि उसी पल तेज प्रताप ने आने वाले पांच साल की राजनीति की लकीर खींच दी है. करीब आठ महीने पहले तेज प्रताप के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद लालू ने तेज प्रताप को पार्टी और परिवार से अलग कर दिया और राजद की पूरी कमान तेजस्वी यादव को सौंप दी. तेजस्वी को बाप की विरासत का उत्तराधिकार मिला और तेज प्रताप पार्टी से बेदखल हो गए.

 

माना जा रहा था तेजस्वी के नेतृत्व में राजद बिहार विधानसभा चुनाव में सत्ता पर काबिज होगी. मगर तेजस्वी की रणनीति कामयाब नहीं हो सकी. राजद को करारी हार मिली. हार के बाद परिवार की दरार भी खुलकर सामने आ गई. बहन रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी का खुला विरोध किया.उधर, पार्टी से अलग हो चुके तेज प्रताप ने जनशक्ति जनता दल बनाई. महुआ से चुनाव लड़ा. उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा. इसके बावजूद तेज प्रताप चुप नहीं बैठे. उन्होंने रोहिणी के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई. कहा, बहन के साथ अन्याय हुआ तो कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलेगा.

 

लालू की विरासत में तेज प्रताप ने लगाई सेंध

बुधवार को दही-चूड़ा भोज के जरिए तेज प्रताप ने मास्टरस्ट्रोक चला. पिता लालू यादव उनके घर पहुंचे. लेकिन तेजस्वी यादव नहीं आए. इसी बात ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं. मीडिया से बातचीत में तेज प्रताप ने चुटकी ली. बोले, तेजस्वी अपनी पार्टी का विलय जनशक्ति जनता दल में कर लें. उन्होंने दावा किया कि लालू यादव की असली पार्टी जनशक्ति जनता दल है. इसी वजह से वे आज उन्हें आशीर्वाद देने आए हैं. ये बात कह कर उन्होंने लालू से तेजस्वी को मिली राजनीति विरासत में सेंध लगा दी है.इधर, लालू यादव ने भी बेटे तेज प्रताप को आशीर्वाद दिया. कहा, बेटा है तो आएंगे ही. तेज प्रताप हमेशा मेरे साथ है. इस बयान ने सियासी गलियारों में नई बहस छेड़ दी. तेज प्रताप यहीं नहीं रुके. उन्होंने चुनावी एलान भी कर दिया. कहा, जनशक्ति जनता दल बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ेगी. ममता बनर्जी के खिलाफ मैदान में उतरेंगे. बिहार में एमएलसी चुनाव भी उनकी पार्टी लड़ेगी.

 

 

तेज प्रताप ने डाला अगले 5 साल का नींव?

उन्होंने जल्द ही पूरे बिहार की यात्रा पर निकलने का संकेत दिया. बोले, तारीख बाद में बताएंगे. लोगों से सीधा संवाद करेंगे. हालांकि तेजस्वी भी यात्रा पर निकलने वाले हैं. बहरहाल, इस ऐलान के बाद ऐसा माना जा रहा है इस भोज के जरिए तेज प्रताप यादव अगले 5 साल का नींव डाल दिए हैं. संकेत साफ हैं. तेजप्रताप ने पासा फेंक दिया है. एनडीए के कई दिग्गजों से मुलाकात. विजय सिन्हा से भेंट. एनडीए में जाने के सवाल पर गोल जवाब. खुद विजय सिन्हा का भी वही जवाब.अब सबसे बड़ा सवाल यही है. क्या तेज प्रताप दही-चूड़ा के जरिए अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं? क्या उन्होंने अगले पांच साल की पटकथा लिख दी है? या यह सिर्फ एक सियासी प्रयोग है?

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

error: Content is protected !!