Samastipur

समस्तीपुर:चोरी के आरोप में युवक पर थर्ड डिग्री: पहले दुकानदार ने;फिर पुलिस कस्टडी में यातना

समस्तीपुर में ज्वेलरी शॉप से 26 किलो चांदी चोरी मामले में स्टाफ की बेरहमी से पिटाई की गई। दुकानदार और पुलिस पर थर्ड डिग्री देने और प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने का आरोप है। आरोप है कि पुलिस कस्टडी में 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक अमानवीय व्यवहार किया गया। पांच जनवरी को हालात गंभीर होने पर छोड़ दिया गया। घटना ताजपुर थाना क्षेत्र का है।

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पीड़ित मनीष कुमार ने बताया कि पिता और पत्नी को थाने में तीन दिनों तक रोक रखा गया। उसके घर की तलाशी ली गई । मारपीट की गई। पेट्रोल डालने के बाद प्राइवेट पार्ट से ब्लड आने लगा तो उसे छोड़ दिया गया। जिसके बाद परिवार के लोग ताजपुर रेफरल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। जहां से उसकी नाजुक हालात को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

 

पीड़ित मनीष कुमार ने बताया नीम चौक स्थित सोनी फैंसी ज्वेलर्स में एक माह पहले काम शुरू किया था। 28 दिसंबर की शाम उसके मालिक ने कहा कि छत का गेट लगा दो। गेट लगाने के बाद घर चला गया। 29 दिसंबर की सुबह मालिक ने दुकान पर बुलाया और कहा कि 26 किलो चांदी और कुछ सोने के गहने की चोरी हो गई है। जब दुकान पहुंचा तो वहां पहले से पुलिस भी थी।पुलिस उसे थाने ले गई। जहां पर पूछताछ की गई। रात करीब 9:00 बजे छोड़ दिया गया। रोजाना की तरह 30 दिसंबर को भी शॉप पर गया, लेकिन उस दिन सब शांत था। न्यू ईयर से एक दिन पहले 31 दिसंबर को काम करने पहुंचा तो दुकानदार मो. जकी मुझे छत पर लेकर गए। अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर लोहे की रॉड और पाइप से खूब मारा। मारकर नीचे फेंकने की धमकी दी गई। इस बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस मुझे उठाकर थाने ले गई।

 

पीड़ित ने आगे कहा कि थाने में 4 जनवरी तक रखा गया। रोज उसके साथ मारपीट की गई। इस दौरान पिता संजय पोद्दार और पत्नी को भी थाने पर लाया गया। पूरे घर की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान भी उसके घर से कोई गहना बरामद नहीं हुआ। इस बीच एक वरीय पुलिस पदाधिकारी भी थाना पर पहुंचे थे। उनसे भी कहा कि मैंने कोई चोरी नहीं की है। इसके बाद भी थाने में मुझे चौकीदारों से पिटवाया है।मारपीट के दौरान प्राइवेट पार्ट में सिरिंज से पेट्रोल डाल दिया गया। दर्द से कराह रहा था। दोबारा फिर से प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डालने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन ज्यादा ब्लीडिंग होने पर छोड़ दिया गया। परिवार वालों को बुलाकर कहा कि इसे ले जाओ और हर जगह बताना है मेरा बेटा ठीक है।

 

 

हालत बिगड़ने पर परिवार के लोगों ने सोमवार देर शाम ताजपुर रेफरल अस्पताल पहुंचाया। जहां से उसकी नाजुक हालात को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर किया गया है। इस घटना के बाद दुकानदार दुकान बंद कर फरार हो गया है।

 

पीड़ित के पिता संजय पोद्दार ने कहा कि मेरे बेटे ने कोई चोरी नहीं की है। एक महीना पहले ही काम शुरू किया था। दुकानदार के साथ पुलिस पदाधिकारी ने भी अमानवीय व्यवहार किया है। प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाल दिया गया। हमें न्याय चाहिए।वहीं, मां संगीता देवी ने बताया कि मेरा बेटा सोनी फैंसी ज्वेलर्स में काम करता था। 28 दिसंबर को महीना लगा था। रात में जब वो घर पहुंचा तो बहू से विवाद हो रहा था। सभी को समझा-बुझाकर वो सो गया। सुबह फोन आया कि दुकान में चोरी हो गई है। इसके बाद वो दुकान पर गया, वेकिन पूछताछ के पुलिस ने उसे छोड़ दिया।

 

 

अगर मेरे बेटा चोरी की घटना में शामिल बोता तो वो दोबारा वहां क्यों जाता। मारपीट के बाद दुकानदार ने पुलिस के हवाले कर दिया। थाने पर भी उसे यातना दी गई है। मेरा बेटा निर्दोष है, उसके प्राइवेट पार्ट में पेट्रोल डाला गया है। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। आखिर 26 किलो चांदी कहां छिपाकर रखेगा।इस संबंध में एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिल रही है। तुरंत पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों पर उचित कार्रवाई करेंगे। ‌

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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