Samastipur

समस्तीपुर खुली ट्रेन उजियारपुर पहुँचने में लगी ढाई घंटे,भड़के यात्री,लोको पायलट से भी अभद्रता

समस्तीपुर-बरौनी रेलवे ट्रैक पर साल के पहले दिन एक ट्रेन के फंस जाने से सवार यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। यात्रियों ने ट्रेन के लोको पायलट से भी अभद्र तरीके से बातचीत की। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन समस्तीपुर से 9 किलोमीटर दूर उजियारपुर के लिए खुली थी। लेकिन 9 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन को ढाई घंटे का समय लग गया। बताया जा रहा है कि ऑटोमैटिक सिग्नल के कारण ट्रेन रेलवे ट्रैक पर घंटों खड़ी रही। ट्रेन को आगे कटिहार तक जाना था।

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जानकारी के मुताबिक, ऑटोमैटिक सिग्नल की वजह से गुरुवार को समस्तीपुर-उजियारपुर डाउन लाइन पर एक के पीछे एक 6 ट्रेनें फंस गई। इन 6 ट्रेनों में 3 मालगाड़ी जबकि एक समस्तीपुर-कटिहार पैसेंजर, दूसरी नई दिल्ली-बरौनी क्लोन एक्सप्रेस और तीसरी गरीब रथ एक्सप्रेस थी। ट्रेनों के घंटों फंसे रहने से यात्री उग्र हो गए।

 

मालगाड़ी के पीछे फंसी 63308 समस्तीपुर-कटिहार पैसेंजर ट्रेन समस्तीपुर जंक्शन से दोपहर 12 बजकर 55 मिनट पर खुली थी। ट्रेन को 1 बजकर 05 मिनट पर उजियारपुर पहुंचना था। 9 किलोमीटर की इस दूरी में 6 जगह पर ऑटोमैटिक सिग्नल लगा हुआ है। ‌ हर सिग्नल पर एक-एक गाड़ी फंसी हुई थी, जिस कारण ये ट्रेन दिन के 15 बजकर 38 मिनट पर उजियारपुर पहुंची।

 

इस दौरान समस्तीपुर और उजियारपुर के बीच करीब 5 किलोमीटर जाने के बाद ट्रेन बेलारी रेलवे हाल्ट से पहले खड़ी हो गई। ट्रेन के फंसे रहने की वजह से यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। ट्रेन के लोको पायलट को भी बुरा-भला कहा। यात्रियों के हंगामा के बाद लोको पायलट ने सोनपुर और समस्तीपुर रेलवे कंट्रोल को मामले की जानकारी दी।लोको पायलट को बताया गया कि उजियारपुर स्टेशन पर लाइन खाली नहीं होने के कारण ट्रेन रूट में फंसी हुई है। इस ट्रेन के अलावा दिल्ली से बरौनी जा रही 02564 स्पेशल ट्रेन के ड्राइवर के साथ भी यात्रियों ने अभद्र व्यवहार किया। जबकि लोको पायलटों ने केहा कि मेरे हाथ में कुछ नहीं है, आगे सिग्नल रेड है।

 

यात्रियों ने रेलवे कंट्रोल को भी कॉल कर जानकारी दी

 

जब पैसेंजर ट्रेन आगे नहीं बढ़ी तो कुछ यात्रियों ने रेलवे कंट्रोल को भी कॉल किया और मामले की जानकारी दी, लेकिन कंट्रोल से कोई जवाब नहीं मिला। ट्रेन में सवार यात्रियों ने बताया कि इन स्टेशनों के बीच कुल 6 ट्रेन एक के पीछे एक फांसी हुई है और धीरे-धीरे सभी ट्रेनों को आगे बढ़ाया जा रहा है। ‌यात्रियों ने यह भी बताया कि ये एक दिन की समस्या नहीं है। रोजाना ऐसी समस्याओं से लोगों को रूबरू होना पड़ता है। कभी अपलाइन पर तो कभी डाउनलाइन पर ट्रेनें फंस जाती है। अगर अपलाइन पर ट्रेनें फंसती हैं, तो शहर के अति महत्वपूर्ण अटेरन चौक भी चार से पांच घंटे तक जाम में फंसा रहता है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

 

समस्तीपुर रेलवे मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने कहा कि मामला सोनपुर रेल मंडल से जुड़ा हुआ है। लेकिन मैं मामले की जानकारी ले रहा हूं कि किन कारणों की वजह से ट्रेनें फंसी रहीं। उन्होंने ये भी बताया कि अप लाइन पर होने वाली समस्या का समाधान किया गया है, अब वैसा जाम नहीं लगता है।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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