कंबल नहीं मिला तो प्रखंड कार्यालय में घंटों चला ड्रामा, बीडीओ अनुपस्थित
वैशाली के महनार प्रखंड कार्यालय में शुक्रवार को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब कंबल नहीं मिलने से नाराज एक महिला ने अपने शरीर में ‘भूत’ आने का दावा करते हुए प्रखंड परिसर में ही ड्रामा शुरू कर दिया।महिला के इस व्यवहार को स्थानीय लोग ‘भूतखेली’ बता रहे हैं। घटना के दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद लोग हैरान रह गए और घंटों तक माहौल असामान्य बना रहा।
कंबल की मांग लेकर पहुंची थीं महिलाएं
जानकारी के अनुसार, महनार प्रखंड क्षेत्र के देशराजपुर गांव की धनेश्वरी देवी, जो खुद को फुलपरी देवी बताकर पहचान दे रही थीं, करीब 25 से 30 महिलाओं के साथ प्रखंड कार्यालय पहुंची थीं। सभी महिलाएं ठंड के मौसम में कंबल वितरण की मांग को लेकर आई थीं। महिलाओं का कहना था कि वे गरीब और विधवा हैं, लेकिन अब तक उन्हें सरकारी कंबल नहीं मिला है।
BDO से नहीं हो सकी मुलाकात
महिलाओं ने बताया कि वे अपनी समस्या लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) मुकेश कुमार से मिलना चाहती थीं, लेकिन उस समय बीडीओ जिला मुख्यालय में जिला पदाधिकारी के साथ बैठक में शामिल होने गए हुए थे। अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण महिलाओं की किसी से मुलाकात नहीं हो सकी, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया।
प्रखंड परिसर में शुरू हुआ ड्रामा
इसी दौरान धनेश्वरी देवी अचानक अजीब व्यवहार करने लगीं। उन्होंने कंबल ओढ़ लिया और जोर-जोर से चिल्लाते हुए जिन, परी और देवी-देवताओं के नाम लेने लगीं। महिला का दावा था कि उसके शरीर में ‘भूत’ आ गया है। देखते ही देखते प्रखंड कार्यालय परिसर में भीड़ लग गई और घंटों तक यह ड्रामा चलता रहा।
महिलाओं ने वार्ड पार्षद पर लगाए आरोप
धनेश्वरी देवी और उनके साथ आई महिलाओं ने वार्ड पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि उन्होंने वार्ड नंबर 25 में वार्ड पार्षद के लिए लोगों से वोट दिलवाने में मदद की थी, लेकिन अब वही वार्ड पार्षद उन्हें नजरअंदाज कर रहे हैं। महिलाओं का आरोप है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल संपन्न परिवारों को दिया जा रहा है, जबकि गरीब और जरूरतमंद महिलाएं इससे वंचित हैं।
ठंड में कंबल नहीं मिलने से नाराजगी
महिलाओं में शामिल गायत्री देवी ने कहा कि इस भीषण ठंड में भी गरीबों को कंबल नहीं दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति अच्छी है, उन्हें ही सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल रहा है। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण उन्हें इस तरह विरोध करने पर मजबूर होना पड़ा।इस पूरी घटना ने प्रखंड कार्यालय की कार्यशैली और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घंटों तक चले इस ड्रामे के दौरान कोई भी जिम्मेदार अधिकारी महिलाओं से बात करने नहीं पहुंचा। न ही मौके पर किसी तरह की समस्या का त्वरित समाधान किया गया।
लोगों में चर्चा का विषय
प्रखंड कार्यालय में ‘भूतखेली’ की यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे प्रशासन की लापरवाही और गरीबों की उपेक्षा का नतीजा बता रहे हैं। अब देखना होगा कि वरीय अधिकारी इस मामले पर क्या संज्ञान लेते हैं और कंबल वितरण व शिकायतों के समाधान को लेकर क्या कदम उठाए जाते हैं।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
