पुलिसकर्मी अपने पुरुषार्थ का प्रदर्शन लोगों की मदद के लिए करें, अपने स्वार्थ के लिए नहीं :डीजीपी
पटना.हाजीपुर।बैंक लूट के दौरान अपराधियों की गोली से शहीद हुए जवान अमिता बच्चन की प्रतिमा का बिहार पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने अनावरण किया साथ ही शहीद जवान अमिता बच्चन की पत्नी को नियुक्ति पत्र सौंपा। विभाग की ओर से 45 लाख की अनुग्रह राशि भी शहीद की विधवा को प्रदान किया गया है। नवनिर्मित सराय थाना परिसर में शहीद अमिता बच्चन की प्रतिमा का अनावरण डीजीपी विनय कुमार, तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी जयंतकांत व उनकी पत्नी, शहीद की पत्नी, बच्चें पिता, सास, ससुर समेत जिले के कई वरीय पुलिस पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद थे।
शहीद जवान अमिता बच्चन की शहादत से हम लोगो को मिलती है प्रेरणा : कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार डीजीपी विनय कुमार ने पुलिस पदाधिकारी और कर्मियों को शहीद जवान अमिता बच्चन की शहादत से हम लोगो को प्रेरणा मिलती है। कई उदाहरण देते हुए पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल को कई नसीहत दी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी अपने पुरुषार्थ का प्रदर्शन अपराध और लोगो की मदद के लिए करें।
पुलिस अपना प्रदर्शन सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए नहीं करें। आपको अपना पुरुषार्थ दिखाना है तो शहीद अमिता बच्चन की तरह दिखाये। वहीं डीजीपी ने बताया कि बिहार में अपराध में कमी आई है, लेकिन हर अपराध उनके लिए चिंता का विषय है। डीजीपी ने कहा कि मुजफ्फरपुर की घटना को लेकर सरकार भी चिंतित है। जल्द ही सरकार और पुलिस इस पर कार्रवाई करने जा रही है। उन्होंने साफ साफ कहा कि गुंडा बैंक चलकर सूदखोर भारी सूद वसूलते है, जिसे देने में असमर्थ लोग इस तरह का कदम उठाते है। पुलिस ऐसे लोगो पर कार्रवाई करेगी। उन्होंने आम लोगों से कहा कि पुलिस जनसेवा के लिए है। आज डायल 112 महज 13 मिनट में घटना स्थल पर पहुंची है। उन्होंने युवाओं को विशेष रुप से नसीहत देते हुए कहा कि युवा ही भारत को 2045 तक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना को साकार कर सकते है। लेकिन चिंता का विषय है कि हमारे युवा नशा का सेवन कर रहे है। इसके लिए समाज, पंचायत के जनप्रतिनिधि को ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए अलग से नारकोटिक्स विभाग बनाया है।
शहीद जवान से हम लोगों को मिलती है प्रेरणा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तिरहुत प्रक्षेत्र के डीआईजी जयंत कांत ने शहीद बिहार पुलिस के जवान अमिता बच्चन के साथ गुजारे हुए पल को याद करते हुए भावुक हो गये। उन्होंने कहा कि जब मैं मुजफ्फरपुर में एसपी के पद पर था, उस समय अमिता अंगरक्षक के रुप में तीन साल तक साथ थे। उनकी दो बातें मुझे आज भी याद है। पहली बात उनका नाम यूनिक था, पूछने पर उन्होंने बताया कि सर मेरी लंबाई अधिक है, इस लिए अमिता बच्चन नाम है। दूसरा वह पल उनका शहादत का दिन था। वह चाहते तो पीछे हट सकते थे, लेकिन अपनी चिंता छोड़ अपराधियों से भीड़ गये। वे अपने कर्तव्य को पुरा करने के लिए पीछे नहीं हटे। उनके पिताजी एक सच्चे वीर को जन्म दिये थे। अमिता ने हम सबों को एक संदेश दिया है। उनका पुरा परिवार सुरक्षित रहे।
इनकी रही उपस्थिति शहीद की पत्नी कोमल कुमारी, पुत्र निशांत, पुत्री आराध्या कुमारी, पिता गणेश सिंह, ससुर हरकिशोर राय, सास शैल देवी, साला निलेश, छोटू, शहीद का भाई मिथुन, हाजीपुर एसडीपीओ-1 सुबोध कुमार, महुआ संजीव कुमार, लालगंज गोपाल मंडल, सराय थानाध्यक्ष मणिभूषण कुमार समेत जिले के विभिन्न थाना के थानाध्यक्ष व अन्य पुलिस बल मौजूद थे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
