Patna

किशनगंज में 72 किमी तक गुजरेगा सिलीगुड़ी-गोरखपुर एक्सप्रेसवे,देखिये अपडेट

पटना.सिलीगुड़ी-गोरखपुर छह लेन एक्सप्रेस वे के एलाइनमेंट में परिवर्तन के बाद यह एक्सप्रेस वे लगभग 72 किमी जिले की सीमा में होकर गुजरेगा. 525 किमी लंबी इस एक्सप्रेस वे के पूर्व के एलाइनमेंट में यह दूरी 89 किमी की थी. एलाइनमेंट में हुए परिवर्तन के बाद सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इस मामले में 11 सितंबर को जो नयी अधिसूचना जारी की है, उसके अनुसार अब ठाकुरगंज अंचल के 32 मौजे की भूमि का अधिग्रहण होगा.

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2023 में जारी अधिसूचना के अनुसार यह संख्या 26 थी. टेढ़ागाछ प्रखंड की सीमा में यह एक्सप्रेस हाईवे किशनगंज जिले में प्रवेश करेगा. इस दौरान टेढ़ागाछ में छह, बहादुरगंज में 25 व ठाकुरगंज प्रखंड के 32 राजस्व गांव के 63 मौजा से होकर यह ग्रीन फिल्ड एक्सप्रेस हाईवे गुजरेगा.

 

टेढागाछ होकर जिले में प्रवेश करेगी एक्सप्रेस वे

एनएचएआइ द्वारा किशनगंज जिला प्रशाशन को गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस वे के किमी 434.45 से किमी 506 तक के उन्नयन कार्य हेतु सडक में प्रभावित जिन गांवो की सूची एनएच एक्ट 1956 के तहत 3ए में शामिल करने के लिए सोपा गया है. उसके अनुसार किशनगंज जिले में तीन अंचल की भूमि अधिग्रहित होगी.टेढ़ागाछ अंचल से यह सड़क जिले में प्रवेश करेगी तो वही बहादुरगंज ठाकुरगंज होते हुए बंगाल में प्रवेश कर जायेगी. इस सूची में टेढ़ागाछ के छह मोजे, बहादुरगंज अंचल के 25 मोजे, ठाकुरगंज अंचल के 32 मोजे शामिल होगा.

 

एलाइनमेंट बदलने की हुई थी मांग

पहले यह एक्सप्रेस वे ठाकुरगंज नगर के पश्चिमी हिस्से से सटकर बनाने के डीपीआर तैयार हुआ था. इसके बाद ठाकुरगंज नागरिक मंच द्वारा इस मामले में वरीय मंत्रियो संग अधिकारियों से ठाकुरगंज नगर क्षेत्र में प्रवेश करने से करीब चार किलोमीटर के क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर नागरिकों व सरकारी प्रतिष्ठानों को व्यापक नुकसान की संभावना व्यक्त करते हुए या तो एलाईनमेंट को बदलने की मांग की है.

 

क्षेत्र से गुजरने वाले एनएच 327 ई के साथ ही एक्सप्रेस हाईवे को जोड़ने की मांग की थी. इस मामले में नागरिक एकता मंच के द्वारा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावे कई लोगों को पत्र भेज कर प्रस्तावित गोरखपुर सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे के ठाकुरगंज नगर क्षेत्र में प्रवेश के बदले ठाकुरगंज के पहले से ही भोगडाबर के पास से पूर्व दिशा की ओर शिफ्ट कर दूधमजर, कनकपुर राजस्व ग्राम होकर ठाकुरगंज नगर के पूर्व होकर बंगाल में प्रवेश करने देने की मांग की थी.यह प्रोजेक्ट नगर की आबादी को नुकसान पहुंचाए बिना ग्रीनफील्ड एरिया में चला जायेगा व इससे सैकड़ों लोगों का रोजी रोजगार व उनका घर मकान छीनने से बचाया जा सकेगा.

 

 

ठाकुरगंज में 32 मौजा से होकर गुजरेगी यह सड़क

ठाकुरगंज अंचल के जिन 32 मौजे होकर यह सड़क गुजरेगी, उसमें बेसरबाटी, कुकुरबागी, पथरिया, नेजागछ, गोथरा, कनकपुर, गिद्धिनगोला, उदारागुड़ी, दूधमंजर, दोगाछी, नोनिया ताड़ी, भोगदाबर छैतल, रूईधासा, बहादुरपुर, अमलझड़ी, जीरनगच, खारूदह, कुंजीमारी, कुरीमनी, गंभीरगढ़, कठारों, सरायकुडी, करूअमनी (248), करुआमनी 51, ठाकपाडा, कुकुरबाघी 33, कुकुरबाघी 05, कुदुलछारा, बारचौंदी 185 ओर बारचौंदी 183 मौजा शामिल है.

 

जिले के विकास को मिलेगा नया आयाम

एक्सप्रेस हाइवे बनने से जिले के अटके विकास को सुपर स्पीड मिलने की उम्मीद प्रबल हो गयी है. वर्षो बाद यह जिले का पहला बड़ा प्रोजेक्ट है, जो व्यापारिक-औद्योगिक विकास व रोजगार के क्षेत्रों मे नया आयाम बनायेगा.

 

छह लेन का एक्सप्रेस हाइवे बनने के बाद स्थानीय व्यापार को गति मिलेगी. नये औद्योगिक विकास की गतिविधियां बढ़ेंगी. एक्सप्रेस हाइवे जिले में पहले से स्थापित उद्योगों को देश के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में नए बाजारों से संपर्क बनाने में मील का पत्थर साबित होगा. स्थानीय उत्पाद की पहुंच बड़े शहरों तक आसान हो पायेगी.जिले में गलगलिया के समीप हाइवे पर इंडस्ट्रियल जोन बनना प्रस्तावित है, जो रोजगार के साथ स्थानीय लोगों के लिए व्यापार के नया अवसर प्रदान करने वाला होगा. एक्सप्रेस हाइवे से बड़े शहरो की दूरी स्पीड के लिहाज से आधी रह जायेगी.

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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