अल्पसंख्यक समाज के बच्चों के लिए बनेगा आवासीय स्कूल,500 बच्चे एक साथ तालीम ले सकेंगे
“अल्पसंख्यक समाज के बच्चों के लिए बनेगा आवासीय स्कूल,500 बच्चे एक साथ तालीम ले सकेंगे
समस्तीपुर में बिहार वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद ईशाद उल्ला ने बयान दिया है। इन्होंने कहा है कि बिहार के सभी जिलों में अल्पसंख्यक समाज के बच्चों को बेहतर तालीम देने के लिए नवोदय स्कूल की तर्ज पर एक -एक स्कूल बनेगा।समस्तीपुर में भी 70 करोड़ की लागत से इस स्कूल का निर्माण कराया जाएगा । जहां 500 बच्चे एक साथ तालीम ले सकेंगे। यह आवासीय स्कूल होगा। जहां पर बच्चों को रहने खाने, पढ़ने लिखने की सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जगह के चयन का काम पूरा
विद्यालय भवन निर्माण के लिए जगह का चयन कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि समस्तीपुर में भी यह स्कूल बहुत जल्द काम करना शुरू कर देगा । उन्होंने निर्माण अधीन स्थल का निरीक्षण भी किया है, कार्य प्रगति पर है.वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शुक्रवार को समस्तीपुर में वक्फ कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद यह पहला मौका है जहां मुस्लिम समुदाय के बच्चों को बेहतर तालीम देने के लिए कोई सरकार काम कर रही है।
नीतीश कुमार ने साल 2005 में मुस्लिम समुदाय के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए नवोदय विद्यालय की तर्ज पर विद्यालय खोलने की बात कही थी, जो अब मूर्त रूप ले रहा है। उन्होंने कहा कि मुसलमान शिक्षित हो जाएंगे, इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है । सुरक्षा नीतीश सरकार दे ही रही है।
2000 कब्रिस्तानों की हुई घेराबंदी
उन्होंने कहा कि 2000 कब्रिस्तानों की अब तक घेराबंदी हो चुकी है। शेष बचे हुए कब्रिस्तानों की भी घेराबंदी की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सभी कब्रिस्तानों की घेराबंदी कर दी जाएगी।एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार में सबका सम्मान किया है, चाहे वह किसी भी जाति धर्म के हो। उन्होंने मुसलमान से आह्वान किया कि वह नीतीश कुमार को गोद ले लें, ताकि वह आजीवन मुख्यमंत्री रह सकें। ताकि बिहार में अमन चैन बना रहे।
बिहार में है 2829 रजिस्टर्ड वक्फ
अध्यक्ष ने कहा कि पूरे बिहार में 2829 बस बोर्ड है जिसका रजिस्ट्रेशन किया गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर इसका रजिस्ट्रेशन हो गया है। इसके अलावा 1300 अनरजिस्टर्ड कब्रिस्तान और मस्जिद थी । जिसे भी पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। इसके लिए अलावा करीब 6071 वक्त की संपत्ति जो रजिस्टर्ड नहीं थी, उसे भी पोर्टल पर रजिस्टर्ड कर दिया गया है।
वक्फ की जमीन अगर कहीं अतिक्रमण की शिकार है, तो इसके बारे में पता लगाकर कल्याण पदाधिकारी के माध्यम से खाली करने का आह्वान किया गया है।इस मौके पर लोगों की ओर से यह भी जानकारी दी गई कि वक्फ की जमीन बड़ी संख्या में अवैध कब्जे में है। इस पर उन्होंने आम लोगों से आह्वान किया कि अगर वक्फ की जमीन अवैध कब्जे में है, तो उसे चिह्नित कर कब्जा मुक्त करने के लिए जिला कल्याण पदाधिकारी के माध्यम से कार्रवाई करें।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
