विद्यापति महोत्सव की तारीख़ अनिश्चित, कला प्रेमी मायूस:जनवरी में होने की उम्मीद
समस्तीपुर: मिथिलांचल के देवघर कहे जाने वाले विद्यापतिधाम में आयोजित होने वाले विद्यापति राजकीय महोत्सव की तारीख़ अब तक तय नहीं हो पाई है। बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग तथा जिला प्रशासन समस्तीपुर के संयुक्त तत्वावधान में हर साल होने वाले इस तीन दिवसीय महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों में मायूसी है।
प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की धवल त्रयोदशी को होता है आयोजन
यह महोत्सव प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की धवल त्रयोदशी तिथि को आयोजित किया जाता है। साहित्य और संगीत के रसिक श्रोताओं को साल भर इसका इंतजार रहता है, क्योंकि यह आयोजन उन्हें देश के नामचीन कलाकारों और कवियों को सुनने का अवसर प्रदान करता है। यह महोत्सव पिछले 12 वर्षों से लगातार आयोजित हो रहा है।
विधानसभा चुनाव को लेकर टाला गया कार्यक्रम
इस वर्ष विधानसभा चुनाव और आचार संहिता का हवाला देते हुए समारोह को तय समय पर आयोजित न कर चुनाव के बाद कराने की बात कही गई थी। मूल रूप से यह आयोजन 3 से 5 नवंबर के बीच होना था।
मंदिर ने तारीख तय की, लेकिन विभागीय मुहर नहीं लगी
मंदिर समिति से जुड़े रत्न शंकर भारद्वाज ने बताया कि अधिकारियों ने चुनाव के बाद आयोजन का आश्वासन दिया था। इसके बाद मंदिर समिति ने 28 से 30 नवंबर की तारीख़ तय कर विभागीय अधिकारियों को भेजी थी। हालांकि, अब तक विभाग की ओर से न तो कोई जानकारी दी गई है और न ही आयोजन को लेकर कोई तैयारी शुरू हुई है।
तारीख तय न होने से क्षेत्रवासियों में निराशा है। प्रवीण कुमार गिरि ने बताया कि यह आयोजन क्षेत्र में साहित्य, संगीत और कला के प्रति प्रेम बढ़ाता है। हरिओम गिरि के अनुसार, महोत्सव में पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम, दूसरे दिन कवि सम्मेलन और तीसरे दिन स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियां होती हैं।जानकारों का मानना है कि 13वें विद्यापति राजकीय महोत्सव का आयोजन अब जनवरी में होने की संभावना है।:विकास कुमार.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
