Patna

बिहार के गंगा नदी में छोड़ा 450 किलो अंगुलिका, 156 मछुआरे शामिल

पटना. भागलपुर।भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, केंद्रीय अंतर्देशीय मत्स्य अनुसंधान संस्थान बैरकपुर, कोलकाता की ओर से नमामि गंगे परियोजना अंतर्गत सुलतानगंज में नदी रैंचिंग व जागरूकता कार्यक्रम सोमवार को सफलतापूर्वक हुआ. कार्यक्रम में विधायक प्रो ललित नारायण मंडल, भागलपुर के उप निदेशक उदय प्रकाश, जिला मत्स्य पदाधिकारी कृष्ण कन्हैया, कमरगंज पंचायत मुखिया भरत कुमार सहित आईसीएआर सिफरी की अनुसंधान टीम उपस्थित थी.

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

पूरा आयोजन संस्थान के निदेशक डॉ बसंता कुमार दास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ. संस्थान के प्रोजेक्ट असिस्टेंट सूरज कुमार चौहान ने बताया कि आईसीएआर सिफरी की टीम ने भारतीय प्रमुख मछलियों रोहू, कतला, बाटा और मृगल की लगभग 450 किलो अंगुलिकाएं को गंगा नदी में छोड़ा. यह पहल गंगा के जीन-पूल को सशक्त करने, मछलियों की मूल प्रजातियों की संख्या बढ़ाने और नदी में प्राकृतिक संतुलन बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

 

डाल्फिन व मछली संरक्षण पर जागरूकता

कार्यक्रम में गंगा नदी डॉल्फिन की पारिस्थितिक महत्ता, संरक्षण कानून, अवैध मछली पकड़ने से संबंधित दिशा-निर्देश और मछलियों के सतत दोहन की तकनीक पर विस्तार से जानकारी दी गयी. विशेषज्ञों ने मछुआरों को बताया कि गंगा की जैव विविधता कैसे संरक्षित रहे और आधुनिक, अनुकूल तकनीक से मत्स्य उत्पादन कैसे बढ़ाया जा सकता है. लगभग 156 मछुआरों ने कार्यक्रम में भाग लिया और आईसीएआर सिफरी की इस पहल का स्वागत किया. यह कार्यक्रम नदी संरक्षण के साथ मत्स्य विकास और उनकी आजीविका के लिए अत्यंत लाभकारी है. ऐसे कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय मछुआरों की आय, ज्ञान और कौशल वृद्धि में अहम भूमिका निभाते हैं.

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

error: Content is protected !!