बेगूसराय से नीतीश कुमार कैबिनेट में बनाए गए दो मंत्री:सुरेंद्र मेहता दूसरी बार बने मंत्री
पटना।बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की हुई प्रचंड जीत ने बेगूसराय से बिहार सरकार में दो विधायकों को मंत्री बनाया गया है। गुरुवार को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में बछवाड़ा के विधायक सुरेंद्र मेहता और बखरी के विधायक संजय पासवान कुमार उर्फ संजय पासवान ने मंत्री पद की शपथ ली।
बछवाड़ा के विधायक सुरेंद्र मेहता को बिहार सरकार में दूसरी बार मंत्री बनाया गया है। वहीं, बखरी (सुरक्षित) से विधायक चुने गए लोजपा (रा.) के संजय कुमार उर्फ संजय पासवान पहली बार मंत्री बने हैं। दोनों के घर में जश्न का माहौल है, समर्थक भी खुशी मना रहे हैं।
सुरेंद्र मेहता: 10वीं से ही छात्र राजनीतिक में उतरे
11 जुलाई 1959 को किरतौल गांव में पैदा हुए बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक सुरेंद्र मेहता ने 1985 में बीए (इकोनॉमिक्स) किया। लेकिन मैट्रिक से ही लाल झंडा के बैनर तले छात्र राजनीति में आ गए थे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र विंग AISF के जिला सेक्रेटरी तथा AIYF प्रदेश सेक्रेटरी रहे।
2001 में तेघड़ा प्रखंड में जिला परिषद क्षेत्र संख्या-17 का चुनाव जीतकर 2005 तक जिला पार्षद रहे। 2005 में सुरेंद्र मेहता ने भाजपा ज्वाइन किया और बरौनी विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़े, लेकिन हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 2010 के विधानसभा चुनाव में बेगूसराय विधानसभा से भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़े और जीत हासिल किए।
2020 में जीते तो पहली बार बिहार सरकार में मंत्री बने
2015 विधानसभा चुनाव में बेगूसराय से चुनाव लड़े, लेकिन अमिता भूषण से हार का करना पड़ा सामना। इसके बाद 2020 में भाजपा ने बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाकर चुनाव लड़ाया। जिसमें 484 मतों से विजय हुए, 2024 में बिहार सरकार में खेल मंत्री बनाया गया। इस बार फिर भाजपा ने एनडीए का प्रत्याशी बनाया तो जीतकर विधानसभा पहुंच गए।
संजय पासवान: बीए की डिग्री के बाद राम विलास पासवान के सानिध्य में आए
बेगूसराय से दूसरे मंत्री बने हैं बखरी (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से लोजपा (रामविलास) के टिकट पर पहली बार विधायक बने संजय कुमार उर्फ संजय पासवान। संजय का मंत्री बनना सबसे अधिक चर्चा में है। बेगूसराय जिला मुख्यालय के शिवपुरी पोखरिया निवासी गुलाब पासवान के 52 वर्षीय पुत्र संजय कुमार ने 1998 में हिंदी विद्यापीठ देवघर से बीए की डिग्री ली।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के सानिध्य में आ गए। इसके बाद समर्पित भाव से रामविलास पासवान के साथ रहे। दलित सेना के जिलाध्यक्ष पद का निर्वहन किया। इसके बाद लोजपा के युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बने तथा जिलाध्यक्ष पद का बखूबी निर्वहन किया। प्रदेश के विभिन्न पदों पर रहते हुए वर्तमान में पार्टी के प्रदेश के प्रधान महासचिव हैं।
2024 में भी लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे
गरीब नेताओं में शुमार संजय पासवान 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे। लेकिन टिकट नहीं मिला तो पार्टी से क्षुब्ध नहीं हुए और तन मन से समर्पित रहे। इसी का परिणाम है कि इस बार गठबंधन में जब लोजपा के हिस्से में बखरी सीट आई तो चिराग पासवान ने यहां से उम्मीदवार बनाया। जिनको लेकर शुरुआती दौर में एनडीए के भीतर काफी उठापटक हुई।
लेकिन अंत तक एनडीए एकजुट हुआ और संजय कुमार ने बखरी के वर्तमान विधायक और महागठबंधन में सीपीआई के प्रत्याशी सूर्यकांत पासवान को 17 हजार से अधिक वोट से हराकर विजय प्राप्त किया। शपथ पत्र के अनुसार इनकी संपत्ति करीब 20 लाख रुपए ही है। चुनाव के दौरान यह सही तरीके से पंपलेट वितरण भी नहीं करवा सके थे।लेकिन विजय हासिल कर लिया तो अब मंत्री बन गए।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
