मुजफ्फरपुर अग्निकांड में 5 जिंदा जले,कमरे में देखा तो लाशें पड़ी थीं’मामला संदिग्ध
मुजफ्फरपुर।मेरे फूफा के बेटे ललन दिल्ली में प्राइवेट जॉब करते हैं। वे अपनी पत्नी पूजा और दो बच्चों 7 साल की सृष्टि, 2 साल के बेटे गोली के साथ सोए हुए थे। अचानक तड़के सुबह घर में आग लग गई। पता नहीं आग लगी या लगाई गई, ये मुझे नहीं पता।’
‘फायर स्टेशन को सुबह सूचना मिली। मैं घटनास्थल पर पहुंचा, यहां देखा तो दो बच्चों के साथ तीन लोगों की लाश जली हुई पड़ी थी। कोई कह रहा है कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी है, कोई बता रहा है कि आग लगाई गई है, लेकिन अगर आग लगी भी है, या लगाई गई है। जो भी हो, आग लगने के बाद इन्हें भागना चाहिए था। मकान में दरवाजा भी नहीं है, मामला संदिग्ध है।’
ये बयान ललन साह के ममेरे भाई आर्यन और फायर ब्रिगेड पदाधिकारी विनय कुमार सिंह ने कही है। दरअसल, मुजफ्फरपुर के मोतीपुर में शनिवार तड़के आग लगने की घटना हई, जिसमें 35 साल के ललन साह, उनकी 30 साल की पत्नी पूजा कुमारी, दो बच्चों (7 साल की सृष्टि, 2 साल का बेटा गोली) और मां 65 साल की सुशीला देवी की जिंदा जलकर पांच लोगों की मौत हो गई।
घटना में पांच लोग गंभीर रूप से झुलसे भी हैं, जिनमें ललन का भाई अर्जुन, बहन माला देवी, मामा लालबाबू प्रसाद और उनकी दो बेटियां पुष्पा और साक्षी शामिल हैं। इनमें 4 की हालत गंभीर बताई जा रही है। चारों को इलाज के लिए SKMCH भेजा गया है।डॉक्टर के मुताबिक घायल भी 98 फीसदी जल चुके हैं।साह के दो बेटे और एक बेटी है। बेटी की शादी रक्सौल बॉर्डर इलाके में हुई है।
दो बेटे हैं। बड़ा बेटा ललन साह था, जो दिल्ली में प्राइवेट जॉब करता था और पत्नी, दोनों बच्चों के साथ रहता था। छोटा बेटा अर्जुन मां सुशीला देवी के साथ मकान के दूसरे फ्लोर पर रहता था।
ललन साह छठ महापर्व के मौके पर पत्नी और दोनों बच्चों के साथ घर आया था। कुछ दिनों के बाद वोटिंग होनी थी तो पत्नी और मां के कहने पर घर पर ही रुक गया।
जिस मकान में आग लगी, वो तीन फ्लोर का मकान है। ग्राउंड फ्लोर पर नर्सिंग होम है, जबकि फर्स्ट फ्लोर को किराए के लिए दिया गया है। सेकेंड फ्लोर पर ललन का भाई अर्जुन अपनी मां के साथ रहता था। इनके अलावा, ललन के मामा लालबाबू प्रसाद अपनी दो बेटियों पुष्पा और साक्षी के साथ रह रहे थे। ललन की बहन माला भी यहां आई थी।
जानकारी के मुताबिक, ललन का दूसरे फ्लोर का मकान नया बना था। मकान में दरवाजा भी नहीं लगा था। पड़ोस के लोगों ने बताया कि घर में पारिवारिक कार्यक्रम भी था। इसलिए ललन के मामा अपनी दोनों बेटियों और ललन की बहन ससुराल से यहां आई थी।
शुक्रवार की रात खाना खाने के बाद सभी मकान के अलग-अलग कमरे में सोने चले गए। ललन का छोटा भाई अर्जुन अपने मामा लालबाबू प्रसाद के बेटे आर्यन के साथ ग्राउंड फ्लोर पर बने एक कमरे में सो गया, जबकि बाकी लोग सेकेंड फ्लोर पर ही सो रहे थे।
सेकेंड फ्लोर पर तीन कमरे हैं। एक कमरे में ललन, उसकी पत्नी और दोनों बच्चे सो रहे थे, जबकि दूसरे कमरे में ललन की मां सुशीला देवी और बहन माला सो रही थी। तीसरे कमरे ललन के मामा लालबाबू और उनकी दोनों बेटियां थी।
सुबह 4 से 5 बजे के बीच अचानक लगी आग
ललन के ममेरे भाई आर्यन ने बताया कि सुबह 4 से 5 बजे के बीच अचानक शोर हुआ। आंख खुली तो घर के बाहर लोग जुटे थे। बाहर निकलकर देखा तो दूसरे फ्लोर से आग की लपटें निकल रही थी। हम लोगों ने ऊपर जाने की कोशिश की लेकिन आग भयानक थी, जिससे ऊपर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
आर्यन ने बताया कि तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को इसकी जानकारी दी गई। करीब 6 बजे तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी आई और आग पर काबू पाया। पता चला कि बुआ, फुफेरे भाई ललन, उनकी पत्नी, दोनों बच्चों की जलकर मौत हो चुकी है, जबकि पापा, तीनों बहनें गंभीर रूप से घायल हैं। आग लगने की घटना में फुफेरा भाई अर्जुन भी मामूली रूप से झुलसा है।
आर्यन ने बताया कि कुछ लोग शॉर्ट सर्किट की बात कह रहे हैं, लेकिन अब आग किसी ने लगाई या शॉर्ट सर्किट से लगी, ये तो जांच करने वाले फायर ब्रिगेड कर्मी और पुलिस बता पाएगी। उसने कहा कि अगर शॉर्ट सर्किट से आग लगता तो सभी कमरों में एमसी लगा हुआ है, आग लगने के बाद एमसी गिर जाता लेकिन ऐसा नहीं हुआ है।
FSL टीम ने साक्ष्य जुटाए हैं, जांच जारी है
घटना की सूचना के बाद मौके पर पहुंची एसडीपीओ पश्चिमी-1 सुचिता कुमारी ने बताया कि आग पर काबू पाए जाने के बाद पता चला कि दो मासूम बच्चों समेत 5 लोगों की जिंदा जलकर मौत हुई है, जबकि परिवार के पांच अन्य लोग झुलसकर घायल भी हुए हैं। घायलों का एसकेएमसीएच में इलाज चल रहा है। FSL टीम को मौके वारदात पर बुलाया गया है, वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाया जा रहा है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
