उजियारपुर सीट से आलोक मेहता की हैट्रिक,NDA उम्मीदवार को 15881मतों से पराजित किया
दलसिंहसराय: उजियारपुर विधानसभा क्षेत्र ने इस बार राजनीतिक इतिहास का नया अध्याय लिखा है। राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आलोक कुमार मेहता ने तीसरी बार लगातार जीत दर्ज कर हैट्रिक बना ली।
उन्होंने एनडीए गठबंधन के उम्मीदवार प्रशांत कुमार पंकज को 15881मतों से पराजित कर दिया। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बिहार की राजनीति में स्थानीय जनभावना और उम्मीदवार का सीधा जुड़ाव गठबंधन की लहरों से अधिक असरदार होता है।
एनडीए का प्रचार तेज, पर असर फीका
चिराग पासवान, देवेंद्र फडणवीस जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी और केंद्र-राज्य की उपलब्धियों के दावे उजियारपुर के मतदाताओं को प्रभावित नहीं कर सके। मतदाताओं ने वायदे से अधिक स्थानीय कार्य और व्यक्तिगत संबंधों को प्राथमिकता दी।
पूर्व विधायक दुर्गा प्रसाद के जन सुराज से चुनाव लड़ने और भाजपा के स्थानीय नेताओं में मतभेद के कारण एनडीए को अपेक्षित एकजुटता नहीं मिल सकी। वोटरों ने इस चुनाव में स्पष्ट संदेश दिया कि केवल बाहरी नेताओं की अपील या बड़े प्रचार अभियान पर्याप्त नहीं.क्षेत्रीय सक्रियता और जनता के बीच उपस्थिति ही सफलता की कुंजी बन चुकी है। प्रशांत कुमार पंकज, जो पूर्व मंत्री रामलखन महतो के पुत्र हैं, अपने पारिवारिक राजनीतिक पहचान के बावजूद इस बार जनता से जुड़ाव की कमी महसूस कर गए। अचानक टिकट मिलने और टीम समन्वय की कमी भी उनकी हार में अहम रही।
2015 में आलोक कुमार मेहता ने आरएलएसपी के कुमार अनंत को 47,460 मतों से हराकर अपने विधायक जीवन की शुरुआत की थी। 2020 में उन्होंने भाजपा के शील कुमार राय को 23,268 वोटों से मात दी।”
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।