समस्तीपुर:छठ व्रतियों का खरना पूजन:36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू,कल सुबह उदयमान सूर्य को देंगे अर्ध्य
समस्तीपुर में महापर्व छठ के दूसरे दिन व्रतियों ने खरना किया। इसके साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हुआ। परंपरा के अनुसार, व्रतियों ने पारंपरिक मिट्टी के चूल्हे पर खीर, गेहूं की रोटी, कुछ जगहों पर चावल की रोटी, चावल के आटे का लड्डू पूरी पवित्रता के साथ बनाने के बाद गंगा स्नान कर खरना का व्रत कर समृद्धि की कामना की।खरना को लेकर तीसरी पहड़ से ही व्रतियों ने इसकी तैयारी शुरू कर दी। घर में बुजुर्ग महिलाओं के साथ परिवार के अन्य सदस्य भी पकवान बनाने में उनकी मदद कर रहे थे।
छठ व्रती बोलीं- 18 साल से व्रत कर रही हूं
जितवारपुर की नीलम राय ने बतलाया कि वह पिछले 18 वर्षों से महापर्व छठ कर रही हैं। उन्होंने कहा कि छठी मैया में इतनी शक्ति है कि कोई भी व्यक्ति श्रद्धा पूर्वक कोई भी मन्नत मांगता है तो वह अवश्य पूरी होती है। उन्होंने कहा कि उनसे पहले यह पर्व उनकी सास किया करती थी। उनके निधन के बाद घर की परंपरा के अनुसार वह इस पर्व को कर रही है।उन्होंने कहा कि मिथिला की परंपरा के अनुसार खीर गुड में बनाया जाता है और गेहूं की रोटी, मूली , सेव से खरना किया जाता है। पर्व में उत्साह का माहौल होता है। परिवार के अन्य लोग भी शामिल होते हैं।
बाजार में दिनभर रही रौनक
उधर पर्व को लेकर दिनभर बाजार में रौनक रही। पूजन सामग्री खरीदने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही। इस दौरान फलों की बिक्री भी बड़े पैमाने पर हुई। इसके अलावा बना हुआ खाजा, के साथ ही लोगों ने अर्घ्य देने के लिए बस के सूप और दल की भी खरीदारी की। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष सूप और दौरा की कीमत अधिक रही। गत वर्ष सोप 80 से ₹100 प्रति बिक रहा था जबकि इस वर्ष 100 120 रुपए प्रति के अलावा दौरा 350-600 अलग-अलग साइज में बिका।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
