पीरपैंती से बीजेपी विधायक ने दिया इस्तीफा:बोले- पार्टी को अब दलित नेतृत्व की जरूरत नहीं
भागलपुर में विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को झटका लगा है। अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले पीरपैंती से बीजेपी विधायक इंजीनियर ललन कुमार पासवान ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को एक लेटर लिखा है। टिकट कटने से नाराज चल रहे थे। इस बार पार्टी ने मुरारी पासवान को उम्मीदवार बनाया है।
ललन कुमार ने अपने लेटर में लिखा, ‘मेरी भारतीय जनता पार्टी के साथ यात्रा यहां समाप्त होती है। वरिष्ठ नेताओं के मिले निर्देशों का पालन करते हुए मैं जितना योगदान दे सकता था, उतना दिया। अब मुझे लगता है कि बीजेपी को एक मुखर दलित नेतृत्व की जरूरत नहीं रही। अब बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों पर चलते हुए समाज के लिए काम करना चाहते हैं।’मैं समझता था कि पार्टी मुझे एक बार फिर सेवा का अवसर देगी, लेकिन अब परिस्थितियां स्पष्ट है। इसी कारण मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूँ। ललन कुमार ने अंत में ‘जय भीम’ लिखकर अपने पत्र को समाप्त किया है।
दूसरे पार्टी में जा सकते हैं ललन कुमार पासवान
जानकारी के अनुसार टिकट बंटवारे में नाम न आने से विधायक नाराज चल रहे थे। पिछले कुछ दिनों से पार्टी की गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे। सूत्रों के मुताबिक अब किसी अन्य दल में जाने पर भी विचार कर रहे हैं। बीजेपी संगठन ने उनके इस्तीफे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इसे दलित वोट बैंक पर असर डालने वाला कदम माना जा रहा है। ललन कुमार क्षेत्र में एक सक्रिय और लोकप्रिय दलित नेता माने जाते हैं। बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल गर्म है और भाजपा के लिए यह इस्तीफा एक और चुनौती साबित हो सकता है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
