सरकारी टीचर की जॉब छोड़कर राजनीति में उतरे,वारिसनगर से जन सुराज प्रत्याशी सत्यनारायण सहनी ने किया नामांकन
समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के आमी बिशनपुर गांव निवासी सरकारी शिक्षक सत्यनारायण सहनी उर्फ प्रदीप सहनी ने अपनी नौकरी छोड़कर राजनीति में कदम रखा है। उन्होंने प्रशांत किशोर के जन सुराज अभियान में शामिल होकर वारिसनगर विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है।सहनी ने बताया कि बिहार विकास के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है और प्रशांत किशोर द्वारा चलाए जा रहे ‘बिहार बदलाव’ मुहिम से प्रेरित होकर उन्होंने यह निर्णय लिया। इसी संकल्प के तहत उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी का त्याग किया।
2013 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय में जॉइन किया था
सत्यनारायण सहनी 2013 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय, उदयपुर कॉलोनी, खानपुर प्रखंड में शिक्षक बने थे। बाद में उनका स्थानांतरण विभूतिपुर प्रखंड के हाई स्कूल राघोपुर में हो गया। उन्होंने कुल 19 वर्षों तक शिक्षा विभाग में बच्चों को पढ़ाने का कार्य किया है। उन्होंने एमए और बीएड की डिग्री हासिल की है।
उनके परिवार में पत्नी प्रियंका सहनी और तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी तन्नू कुमारी 14 वर्ष की हैं और कक्षा 10 में पढ़ती हैं। बेटे प्रतीक राज 11 वर्ष के हैं और कक्षा 6 में, जबकि सत्य प्रकाश 5 वर्ष के हैं और कक्षा 8 में पढ़ते हैं। उनकी पत्नी प्रियंका सहनी क्षेत्र संख्या 36 से जिला परिषद सदस्य हैं और 2016 से इस पद पर कार्यरत हैं। वह जन सुराज की भी सदस्य हैं। उनके पिता स्वर्गीय मुंशीलाल सहनी एक किसान थे।
नामांकन के दौरान दिए गए हलफनामे के अनुसार, सत्यनारायण सहनी के पास 4 लाख 23 हजार 60 रुपए की चल-अचल संपत्ति है। उनके पास एक चार पहिया वाहन और एक मोटरसाइकिल भी है। बिहार बदलाव के संकल्प के साथ अपनी नौकरी छोड़ने वाले शिक्षक सत्यनारायण सहनी का राजनीतिक भविष्य क्या होगा, यह तो मतगणना के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
