रिटायर्ड जज से 4.49 करोड़ की ठगी मामले मे विभूतिपुर से चुनाव लड़ने वाले राजीव रंजन गिरफ्तार
समस्तीपुर के रहने वाले लोजपा (रामविलास) के नेता और बिल्डर राजीव रंजन को कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार राजीव रंजन पर रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी से 4.49 करोड़ रुपए ठगने का आरोप है।बताया जा रहा है कि राजीव रंजन समस्तीपुर जिले के टभका गांव के रहने वाले हैं और विभूतिपुर विधानसभा सीट से लोजपा(आर) के टिकट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले ही कोलकाता पुलिस ने उन्हें विद्यानगर थाना के सॉल्ट लेक इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस ने राजीव से पूछताछ करने के बाद जेल भेज दिया है।
राजीव रंजन की कंपनी कोलकाता और देश के विभिन्न राज्यों में बिल्डिंग बनाने का काम करती है। रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी ने 7 सितंबर को विद्यानगर थाने में FIR दर्ज कराई थी, जिसमें 4.49 करोड रुपए ठगी का आरोप लगाया था।सॉल्ट लेक के बीके-169, सेक्टर-II में रहने वाले रिटायर्ड जज इंद्रजीत चटर्जी ने शिकायत में बताया कि राजीव रंजन ‘त्रिमूर्ति इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड’ के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। राजीव ने इन्वेस्टमेंट के नाम पर मेरे साथ धोखाधड़ी की है।
2024 में संपत्ति खरीदने के दौरान हुई थी मुलाकात
इंद्रजीत चटर्जी की ओर से की गई शिकायत के अनुसार, साल 2024 में प्रॉपर्टी खरीदने के दौरान राजीव रंजन से मुलाकात हुई थी। इसी दौरान राजीव ने अपने भरोसे में लेते हुए साल्ट लेक के दो प्रोजेक्ट्स (FE-388, सेक्टर-III और CA-124, सेक्टर-I) में इन्वेस्टमेंट का ऑफर दिया।इन्वेस्टमेंट के बाद सालाना 24 फीसदी इंट्रेस्ट देने का दावा किया। इसके अलावा, दोनों प्रोजेक्ट्स से होने वाले फायदे में 50 फीसदी की हिस्सेदारी भी देने का आश्वासन दिया।
2024 के बाद दोनों प्रोजेक्ट में नहीं हुआ काम
रिटायर्ड जज की शिकायत के अनुसार, दो प्रोजेक्ट (FE-388 और CA-124) में इन्वेस्ट किया, लेकिन इन दोनों प्रोजेक्ट में दिसंबर 2024 के बाद कोई काम नहीं हुआ। इस प्रोजेक्ट के पैसे को AJ-13, सेक्टर-II और FE-144, सेक्टर-III वाले प्रोजेक्ट में यूज किया.रिटायर्ड जस्टिस चटर्जी ने आरोप लगाया कि, राजीव रंजन ने साजिश के तहत मुझसे ठगी की है। जब मैंने पैसे मांगने शुरू किए तो राजीव ने मुझे पैसे देने से इनकार कर दिया। इसके बाद फोन भी उठाना बंद कर दिया।राजीव के प्रताड़ना से परेशान होकर 7 सितंबर को सॉल्ट लेक पुलिस से उसके खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और आपराधिक मामले में केस किया।
राजीव रंजन ने पिछली बार यानी 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में जदयू के टिकट पर विभूतिपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उस वक्त उन्हें 18000 वोट मिले थे और वो दूसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद इन्होंने निर्दलीय 2021 में एमएलसी का चुनाव लड़ा। उन्हें मात्र 324 वोट मिले थे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
