विदेश में नौकरी के नाम पर 300 लोगों से ठगी: एयरपोर्ट गए तो फर्जी निकले टिकट,एफआईआर
मुजफ्फरपुर में विदेश में नौकरी के नाम पर करीब 300 लोगों से 3 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। ठगी फर्जी कंपनी के 5 लोगों ने मिलकर किया है। इनलोगों ने हर व्यक्ति से कम से कम 90 हजार रुपए लिए थे। कुछ लोग इससे ज्यादा भी दे चुके हैं।
ठगों ने पीड़ितों को बोला था कि आप रुपए दे, बाकी हम पर छोड़ दें। वीजा, फ्लाइट के टिकट सब हम करते दे देंगे। जब पीड़ित 8 अक्टूबर को दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट पर गए तो उन्हें एयरपोर्ट वालों ने कहा कि टिकट और वीजा फर्जी है।पीड़ित गुरुवार को कंपनी के ऑफिस पहुंचे। जहां ताला लगा हुआ था, कंपनी के लोग फरार थे। पीड़ितों ने बिना देरी किए गुरुवार को 5 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। करीब 25 लोगों ने केस दर्ज कराया है। मामला अहियापुर थाना क्षेत्र के पुरानी मोतिहारी रोड स्थित रोजगार कंपनी का है।
सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिया था
पीड़ितों के मुताबिक, इम्पीरियल इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन दिया था। फर्जी कंपनी 6 महीने पुरानी है। विज्ञापन में दावा किया गया था कि कंपनी वेस्ट अफ्रीका के ‘स्काई ग्रिड’ संस्थान में नौकरी दिलवाने का काम करती है। रहने-खाने और आने-जाने का पूरा खर्च कंपनी उठाएगी।कंपनी के प्रतिनिधियों ने लोगों से कहा कि हमारे पास विदेश में कई वर्षों का अनुभव है और सैकड़ों लोगों को अब तक रोजगार दिलाया जा चुका है। इन्हीं दावों और चिकनी-चुपड़ी बातों में आकर सैकड़ों युवाओं ने भरोसा कर लिया और रकम जमा कर दी।
जिन्होंने आधे रुपए दिए, उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया
बताया ये भी जा रहा कि कंपनी ने आधे रुपए देने वालों का पासपोर्ट जब्त कर लिया, जबकि जिन्होंने पूरी रकम दी, उन्हें एयर टिकट और वीजा सौंप दिया गया। सभी लोगों को यह कहा गया कि निर्धारित तिथि पर वे दिल्ली या मुंबई एयरपोर्ट से वेस्ट अफ्रीका के लिए फ्लाइट पकड़ें।जिन लोगों से ठगी हुई है वे लोग मुजफ्फरपुर के अलावा दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, शिवहर और उत्तर प्रदेश के जिले के हैं। कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों और गांव के युवाओं को भी कंपनी से जोड़ दिया था।
कंपनी ने हमें बर्बाद कर दिया
कटरा प्रखंड के रहने वाले एक युवक सोनू कुमार ने बताया, ‘हमें सोशल मीडिया पर कंपनी का विज्ञापन मिला था। उन्होंने कहा कि वेस्ट अफ्रीका में बढ़िया सैलरी, रहने और खाने की सुविधा मिलेगी। हमने 90 हजार रुपए दे दिए। पर जब एयरपोर्ट पर पहुंचे, तो पता चला कि सब नकली है।’पीड़ित अब्दुल ने कहा, ‘कंपनी वालों ने पासपोर्ट तक अपने पास रख लिया था। अब न पैसा मिला और न पासपोर्ट। हम सब बर्बाद हो गए।’अहियापुर थाने की टीम अब कंपनी के बैंक खाते, मोबाइल ट्रांजैक्शन, विज्ञापन माध्यम और किराए पर लिए गए ऑफिस की जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि यह संगठित ठगी गिरोह हो सकता है, जिसका नेटवर्क बिहार के कई जिलों में फैला हुआ है। सिटी एसपी ने निर्देश दिया है कि आरोपियों की संपत्ति और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जाए।
दस्तावेजों और सबूतों को जब्त किया
मामले की जांच का जिम्मा आईओ प्रमोद प्रसाद को सौंपा गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी (कोटा) किरण कुमार, नगर डीएसपी-2 विनीता सिन्हा और अहियापुर थानाध्यक्ष रोहन कुमार मौके पर पहुंचे। तीनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और ठगी से संबंधित दस्तावेजों व सबूतों को कब्जे में लिया।फिलहाल पुलिस साइबर सेल की मदद से आरोपियों के लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि ठगों ने कई पीड़ितों से भुगतान ऑनलाइन UPI और बैंक ट्रांसफर से लिया था।
अब तक कई पीड़ित सामने आ चुके हैं- डीएसपी
नगर डीएसपी विनीता सिन्हा ने बताया, एक कंपनी की ओर से विदेश भेजने के नाम पर ठगी की गई है। अब तक कई पीड़ित सामने आए हैं। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। संबंधित लोगों की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी की जाएगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
