पालकी पर होगी मां दुर्गा की विदाई, प्रतिमाओं का होगा विसर्जन;चार शुभ योग में विजयादशमी आज
पटना.शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा, उपासना के बाद आज विजयादशमी का पर्व मनाया जाएगा। आज उत्तराषाढ़ा नक्षत्र व श्रवणा नक्षत्र के युग्म संयोग के साथ चार शुभ योग- सुकर्मा योग, धृति योग, रवियोग, सिद्ध योग का संयोग बन रहा है।नवरात्र खत्म होने के साथ ही माता की विदाई पालकी पर होगी। देवी पुराण के अनुसार, पालकी में भगवती दुर्गा की विदाई होने से भक्तों के जीवन में शुभता, सुख की वृद्धि होगी। सभी पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का आज से विसर्जन होगा।
माता की भक्ति से मिलती है शक्ति
ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश झा ने बताया कि, शारदीय नवरात्र में ज्यादातर माता के उपासक फलाहार पर ही देवी की आराधना में लीन रहते है। वहीं, कुछ भक्त दिन में फलाहार और रात्रिकाल में शुद्ध और सात्विक अन्न ग्रहण करते हैं।इसके बावजूद भी भागदौड़ भरी जिंदगी में परिवार का भरण-पोषण करने के लिए वे पूजा आराधना के बाद अपने कार्यों का बखूबी निष्पादन करने में लगे रहते है। उन्हें इतनी शक्ति, ऊर्जा माता की भक्ति से ही मिलती है। जगत जननी अपने सभी भक्तों का एक मां की भांति पूरा ध्यान रखती है। उन्हीं के कृपा मात्र से यह महानुष्ठान पूर्ण हो पाता है।
विजयादशमी को शुभ कार्य करने का उत्तम मुहूर्त
ज्योतिषी झा ने कहा कि, चातुर्मास के कारण चार मास तक किसी भी प्रकार के शुभ कार्य वर्जित है। ऐसे में विजयादशमी के दिन एक ऐसा दिन होता है, जिसमें दसों द्वार खुला होने से सभी तरह के शुभ कार्य करना उत्तम होता है।स्वयं सिद्ध मुहूर्त होने के कारण इसमें कोई मुहूर्त या समय काल देखने की आवश्यकता नहीं है। आज गुरुवार को भूमि पूजन, गृहप्रवेश, सगाई, नूतन व्यापार आरंभ, सत्यनारायण पूजा वाहन की खरीदारी की जा सकती है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
