रामेश्वरम-मल्लिका अर्जुन ज्योतिर्लिंग का होगा दर्शन,समस्तीपुर के रास्ते चलेगी भारत गौरव पर्यटन ट्रेन
समस्तीपुर में रेलवे की आईआरसीटीसी ने ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए भारत गौरव पर्यटन ट्रेन चलाने का फैसला लिया है। भारत सरकार की देखो अपना देश और एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के अंतर्गत आने वाले 5 दिसंबर को समस्तीपुर के रास्ते दक्षिण भारत की यात्रा होगी।
आईआरसीटीसी के डिप्टी जनरल मैनेजर राजेश कुमार ने शुक्रवार को समस्तीपुर में संवाददाता सम्मेलन के दौरान जानकारी दी। इन्होंने बताया कि यह ट्रेन 5 दिसंबर को सहरसा से खुलेगी। सहरसा से खुलकर यह ट्रेन सुपौल, निर्मली ,झंझारपुर, दरभंगा, समस्तीपुर , मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, दिलदारनगर ,पंडित दीनदयाल उपाध्याय , प्रयागराज छिवकी होते हुए तिरुपति बालाजी दर्शन के लिए पहुंचेगी।ट्रेन में सवार तीर्थ यात्रियों को बालाजी दर्शन के साथ ही पद्मावती मंदिर और रामेश्वर में रामनाथ स्वामी ज्योतिर्लिंग, मदुरै में मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी में कन्याकुमारी मंदिर व विवेकानंद रॉक मेमोरियल, तिरूवनंतपुरम में पद्मनाभ स्वामी मंदिर, मल्लिका अर्जुन में मल्लिका अर्जुन ज्योतिर्लिंग का दर्शन कराएगी।
घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
उन्होंने कहा कि यह पहला भारत सरकार की देखो अपना देश और एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना के अंतर्गत आयोजित की जा रही है। जिसका उद्देश्य घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देना है। संस्कृति एकीकरण को प्रोत्साहित करना व विभिन्न क्षेत्रों के नागरिकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा। यह यात्रा बिहार और पूर्वी भारत के श्रद्धालुओं व पर्यटकों के लिए दक्षिण भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव कराने का एक अनोखा अवसर देगा।
इस बार एसी- 2 को भी जोड़ा गया
डिप्टी जनरल मैनेजर ने बताया कि पहली बार इस ट्रेन में वातानुकूलित दो श्रेणी को जोड़ा गया है। इस ट्रेन में स्लीपर के अलावा एक 3 और कंफर्ट एसी 2 को शामिल किया गया है। तीर्थ स्थल पर घूमने के लिए टिकट बुकिंग के अनुसार व्यवस्था की जाएगी। ठहराव वाले स्थल पर एसी और सामान्य कमरे की व्यवस्था होगी। इस बार यात्रा के साथ एक डॉक्टर की टीम भी साथ में रहेगी। ट्रेन की बोगी में ही एक मंदिर का भी निर्माण कराया गया है, जहां तीर्थ यात्री भजन कीर्तन कर सकेंगे।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
