दीघा घाट से सोनपुर के बीच भी सफर,गंगा नदी में वाटर मेट्रो बोट का रूट विस्तार होगा
पटना.पर्यटन विभाग ने गंगा में वाटर मेट्रो के रूट विस्तार का निर्णय लिया है। पहले दीघा से कंगन घाट के बीच वाटर मेट्रो बोट शुरू होगी। दूसरे फेज में दीघा घाट से सोनपुर के बीच इसका परिचालन होगा। इससे पर्यटकों आैर आम लोगों को सोनपुर जाने के लिए गांधी व जेपी सेतु के अलावा अतिरिक्त मार्ग मिलेगा। पर्यटन निगम के अधिकारी की मानें तो दीघा से कंगन घाट के बीच परिचालन शुरू होने के महीने भर के अंदर सोनपुर के लिए मेट्रो बोट चलाने का लक्ष्य है। शुरुआत दो बोट से की जाएगी। जरूरत पर बोट की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसको लेकर पर्यटन विभाग और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के बीच अक्टूबर में बैठक होगी। बोट चलाने के लिए योजना बनाई जाएगी।
दीघा और गांधी घाट पर चार्जिंग स्टेशन बनेगा
दीघा से कंगन घाट के बीच वाटर मेट्रो बोट चलाने की तैयारी हो रही है। वाटर मेट्रो बोट इलेक्ट्रिक है। इसे चार्ज करने के लिए दीघा घाट, गांधी घाट और कंगन घाट पर एक-एक चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। फिलहाल दीघा और गांधी घाट पर चार्जिंग स्टेशन बनेगा। इमरजेंसी के लिए कंगन घाट पर एक स्टेशन होगा। पटना क्षेत्रीय आईडब्लूएआई ने बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया है। दो-तीन दिन में कनेक्शन मिल जाएगा।
गंगा की धारा के साथ प्रति घंटा 20 किलोमीटर चलेगी
वाटर मेट्रो बोट गंगा की धारा के साथ एक घंटे में 20 किमी, जबकि विपरीत में 12 किमी का सफर तय करेगी। बोट में इलेक्ट्रिक और डीजल, दो तरह के इंजन हैं। नदी में सफर के दौरान चार्ज खत्म होने पर डीजल से चलेगी। दीघा से कंगन घाट की दूरी करीब 15 किमी है। इसलिए दो जगहों पर चार्जिंग स्टेशन दिया जाएगा। गांधी घाट पर बोट को रोककर चार्ज किया जाएगा। बोट के अंदर की बनावट मेट्रो कोच की तरह है। सिटिंग चेयर है। एक सिटिंग चेयर में चार-पांच लोग बैठ सकेंगे। साथ ही खड़े होकर भी सफर कर सकेंगे। खिड़की में ग्लास लगी होगी। इस पर पार्टी या फंक्शन की सुविधा नहीं होगी।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
