शारदीय नवरात्र:हसनपुर रोड में 1980 से माता दुर्गा के वैष्णवी शक्ति की होती है पूजा
समस्तीपुर।हसनपुर.प्रखंड अंतर्गत हसनपुर रोड रेलवे जंक्शन के पीछे दुर्गा मंदिर में वर्ष 1980 से शारदीय नवरात्र में माता दुर्गा के वैष्णवी शक्ति की पूजा-अर्चना श्रद्धा व विश्वास के साथ की जाती है। ऐसे तो हर रोज माता के भक्तों का इस मंदिर में आना-जाना लगा रहता है। लेकिन शारदीय नवरात्र के पहले दिन से लेकर विजयादशमी तक इस मंदिर में उत्सवी माहौल बना रहता है। सोमवार को शारदीय नवरात्र के शुरू होते ही यह मंदिर आस्था का केंद्र बन चुका है। इस मंदिर में स्थापित माता के महिमा की अलग ही ख्याति है। माता के भक्तों के बीच ऐसी मान्यता है कि माता के दरबार में आने वाले भक्तों की हर मनोकामनाएं पूरी होती है। ऐसा मानना है कि श्रद्धा व विश्वास के साथ यदि कोई श्रद्धालु माता के दरबार में पहुंच कर मन्नतें मांगते हैं, तो एक तय समय में उनकी मन्नतें पूरी हो जाती है। शारदीय नवरात्र में हर रोज इस मंदिर में माता दुर्गा की महाआरती की जाती है। शारदीय नवरात्र में सप्तमी से लेकर दशमी तक यहां पूजा करने के लिए समस्तीपुर, बेगूसराय, दरभंगा व खगड़िया यानी चार जिले से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
बताया जाता है कि इस मंदिर की स्थापना साल 1980 में की गई। मंदिर स्थापना से लेकर 1987 तक शारदीय नवरात्र में इस मंदिर में माता दुर्गा की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की गई। 1987 के बाद विश्व हिन्दू संस्कृति के संरक्षक कृष्ण कुमार बिरला की अगुवाई में जनसहयोग से मंदिर का नवनिर्माण कर इसमें माता दुर्गा, माता लक्ष्मी व माता सरस्वती की संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई। तब से लेकर हर साल शारदीय नवरात्र में इस मंदिर में माता दुर्गा की पूजा-अर्चना की जाती है। शारदीय नवरात्र को लेकर मंदिर परिसर में अधिक संख्या में कलशों को स्थापित किया जाता है। कुल मिलाकर हसनपुर बाजार का यह सुप्रसिद्ध दुर्गा मंदिर है।
शारदीय नवरात्र में सप्तमी की रात माता के नेत्र पट खुलने के बाद से लेकर दशमी तक इस मंदिर में खोंयछा भरने के लिए दूर-दराज के गांवों से महिला श्रद्धालु पहुंचती हैं। हसनपुर बाजार के ही नीरज बर्बरिया ने बताया कि ऐसे तो चार जिले से माता के भक्त पूजा-अर्चना के लिए इस मंदिर में पहुंचते हैं। लेकिन हसनपुर बाजार के लोगों के मन में माता के प्रति एक अलग ही आस्था है। बाजार के हर घर में पर्व की तरह शारदीय नवरात्र मनाया जाता है। हर घर की महिलाएं व कन्याएं नए परिधानों में सुसज्जित होकर मंदिर पहुंच कर माता की पूजा-अर्चना कर प्रसाद चढ़ाती हैं। और सुख-समृद्धि के लिए माता से प्रार्थना करती हैं। लोगों का यहां अटूट विश्वास है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
