समस्तीपुर:पहाड़ पर विराजमान दिखेगी थानेश्वरी दुर्गा माता की भव्य प्रतिमा
समस्तीपुर।प्रखंड के खानपुर बाजार स्थित थानेश्वरी दुर्गा माता की महिमा अपरंपार है।यहां सच्चे मन से मन्नतें मांगने वाले हर श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती है।यहां पूजा की परम्परा मिथिला पद्धति पर आधारित है। इसमें ग्रामीणों का भरपूर सहयोग होता आ रहा है। मंदिर के विकास में दूर-दराज के लोग दान देकर पुण्य के भागी बन रहे हैं। इस कमेटी में करीब 50 से अधिक सदस्य हैैं, जो अपने इच्छा से श्रमदान कर कमेटी से जुुुड़ते हैै। यहां बलि प्रदान की परंपरा नहीं है। माता की पूजा वैष्णवी रूप में की जाती है।
खानपुर में थाना के स्थापना के बाद वर्ष 1980 में थाना और ग्रामीणों की सहयोग से माता दुर्गा की प्रतिमा बनाकर पूजा अर्चना शुरू की गई थी। पहले वर्ष पंडाल बनाकर पूजा का शुभारंभ किया गया था। तत्पश्चात जन सहयोग से भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। यहां मेला का भव्य आयोजन किया जाता रहा है। कमेटी व थाना के सहयोग से सुरक्षा को लेकर मेला में दूर दराज के लोगों का आना जाना रहता है। खासकर संध्या आरती व अष्टमी के दिन खोंइछा भरने के लिए महिलाओं की अपार भीड़ जुटती है। निशा पूजा में माता को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है।
नवरात्रा के दौरान दस दिनों तक माता की पूजा विधि पूर्वक की जाती है। सुबह-शाम लोग माता की पूजा में जुटे रहते है। मंदिर के रंग-रोगन का कार्य पहले ही कर लिया गया है। यहां मंदिर की सजावट व मेला का मनोरम दृश्य देखने के लिए राह चलते लोगों के पांव भी कुछ देर के लिये यहां ठिठक जाते हैं।मूर्ति निर्माण में कोलकाता सहित अन्य जगहों पर अपना ख्याति प्राप्त कर चुके खानपुर भोरेसाहपुर निवासी कुंभकार राम स्वार्थ पंडित उर्फ छोटे लाल मूर्ति निर्माण में जुटे हैं।यहां पहाड़ पर माता की भव्य प्रतिमा को सजाया जाता है।
जो भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बना रहता है।मंदिर परिसर एवं मंदिर के दोनों तरफ सड़क में पंडाल लगाकर सजाया जाता है।वहीं मेला में झूला, ब्रेक डांस, मिक्की मास आदि की व्यवस्था है। थानेश्वरी दुर्गा पूजा समिति के कोषाध्यक्ष करुणाकर पाठक ने बताया कि यहां पहाड़ पर माता की सभी प्रतिमाएं सजाई जाती है। अष्टमी तिथि को खोंइछा भरने के लिए महिलाओं की अपार भीड़ जुटती है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
