रोजाना 12 से 14 घंटे की मेहनत कर हर्षिता दवे ने MPPSC में बनी टॉपर
पटना।22 साल की उम्र में हर्षिता दवे ने MPPSC 2024 में टॉप किया. उन्होंने रोजाना 12 से 14 घंटे की मेहनत और अनुशासन से यह मुकाम पाया. उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है कि कठिन परिश्रम और धैर्य से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है.
पढ़े:“मां की मौत के बाद भी नहीं हारी हिम्मत:94.44% मार्क्स लाकर साइंस में टॉपर बनीं अनुष्का, जानिए सक्सेस स्टोरी
MPPSC 2024 में सफलता
एक वीडियो इंटरव्यू में हर्षिता ने बताया कि वह इस परीक्षा में ऑल इंडिया 5वीं रैंक प्राप्त की और महिला वर्ग में टॉपर बनीं. उन्होंने बीए और एमए की पढ़ाई पूरी की है. उनके पिता डॉ विकास दवे साहित्य अकादमी में डायरेक्टर हैं और मां सुनीता दवे प्राइवेट स्कूल में हिंदी अध्यापिका हैं. बचपन से ही हर्षिता पढ़ाई और प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं.
तैयारी की रणनीति
MPPSC की तैयारी के लिए हर्षिता रोजाना 12 से 14 घंटे पढ़ाई करती थीं. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने शुरुआती स्कूल सरस्वती शिशु मंदिर और माधव विद्यापीठ को दिया. आगे की तैयारी उन्होंने आजाद P-3 क्लासेस से की, जहां उन्हें लक्ष्मण पटेल और महेंद्र पाटीदार से मार्गदर्शन मिला. इंटरव्यू की तैयारी में प्रदीप मिश्रा का सहयोग भी अहम रहा.
परिवार का समर्थन और प्रेरणा
हर्षिता का परिवार उनकी सफलता से बेहद खुश है. उनके बड़े भाई हार्दिक दवे न्यूज एंकर हैं. बचपन से ही हर्षिता एक अंतरराष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता (International Debater) में सक्रिय रही हैं. उनकी दादी सुशीला दवे का सपना था कि परिवार की कोई बेटी प्रशासनिक सेवा में जाए, लेकिन 1966 में पढ़ाई छोड़कर शादी करनी पड़ी. हर्षिता ने अपनी दादी का यह सपना पूरा कर दिया.
युवाओं के लिए प्रेरणा
हर्षिता की सफलता यह संदेश देती है कि लगातार मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उनकी कहानी खासकर उन युवाओं और बेटियों के लिए प्रेरणा है जो बड़े सपनों के लिए मेहनत कर रही हैं.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
