बिहार के अब हर जिलों में जल्द खुलेगा फोरेन्सिक लैब, मोबाइल वैन से FSL जांच
Forensic Lab In Bihar: पटना.बिहार पुलिस ने राज्य के सभी जिलों में कम से कम एक-एक FSL (फॉरेंसिक साइंस लैब) कार्यालय खोलने की तैयारी शुरू कर दी है. फिलहाल पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, राजगीर और पूर्णिया में FSL कार्यालय या चलंत विधि विज्ञान इकाई कार्यरत हैं. बाकी जिलों में स्थापना के लिए पुलिस महकमा की CID विंग ने कार्रवाई तेज कर दी है.
मोबाइल वैन से जांच होगी और तेज़
प्रत्येक कार्यालय में कम से कम एक एफएसएल मोबाइल वाहन तैनात किया जाएगा. वर्तमान में 17 FSL वैन राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय हैं. बिहार पुलिस के ADG CID पारसनाथ ने बताया कि 34 नई वैन अक्टूबर तक खरीदी जाएंगी, और अतिरिक्त 50 वैन की मांग गृह विभाग से केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी जाएगी. इन वैन में फिंगरप्रिंट, फुटप्रिंट, नारकोटिक्स, रक्त और अन्य जैविक साक्ष्यों को इकट्ठा करने के लिए आधुनिक उपकरण मौजूद होंगे.
बीएनएस कानून के तहत एफएसएल जांच अनिवार्य
देश में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू होने के बाद ऐसे अपराध जिनमें सात वर्ष या अधिक की सजा का प्रावधान है, उनमें घटना स्थल पर FSL टीम या वैन की जांच अनिवार्य है. इस नए कानून के लागू होने से FSL की जांच की प्रासंगिकता और महत्व बढ़ गया है.
FSL जांच का असर और भविष्य की योजना
अभी तक 16,486 FIR में FSL वाहन या टीम से जांच की मांग की गई, जिनमें से 12,000 से अधिक कांडों का स्पॉट पर जाकर निष्पादन किया गया, यानी कुल 73 प्रतिशत। भविष्य में इसे 100 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए विभिन्न कवायदें शुरू की जा चुकी हैं.
भविष्य में सुदृढ़ फॉरेंसिक नेटवर्क
इन प्रयासों से बिहार पुलिस का फॉरेंसिक नेटवर्क और मजबूत होगा. सभी जिलों में एफएसएल कार्यालय और मोबाइल वैन की तैनाती से अपराध स्थल पर जांच तेज़ और सटीक होगी, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में सुधार और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
