Muzaffarpur

ऑपरेशन सिंदूर’ में शामिल मुजफ्फरपुर के एयरफोर्स जवान की मौत

मुजफ्फरपुर के एयरफोर्स जवान साहिल कुमार (24) की उत्तराखंड के भीमताल स्थित मुसातल तालाब में डूबने से मौत हो गई। साहिल अपने दोस्तों के साथ नैनीताल घूमने गए थे। जवान के साथ उनके 8 दोस्त भी थे। इनमें 4 लड़कियां थीं।

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नैनीताल जाने के दौरान पास में भीमताल पड़ता है। वे लोग वहीं उतरे और तालाब में नहाने चले गए। सभी पानी में मौज-मस्ती कर रहे थे, इसी दौरान साहिल का एक दोस्त प्रिंस यादव गहरे पानी में चला गया।साहिल ने अपने दोस्त को बचाने की कोशिश की, लेकिन वो खुद गहरे पानी के दलदल में फंस गए और दोनों डूबने लगे। आसपास के लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके। थोड़ी देर बाद तालाब में डूबने से उनकी मौत हो गई।

 

 

ऑपरेशन सिंदूर में शामिल थे साहिल

 

साहिल, सकरा प्रखंड के बरियारपुर थाना क्षेत्र के गनियारी गांव के रहने वाले हैं। परिजनों के मुताबिक, साहिल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भी शामिल थे। उस वक्त 7 दिन तक उनकी परिवार से बात नहीं हुई थी।

 

जिसके कारण घर में टेंशन के कारण 2 दिन तक खाना नहीं बना था। 8वें दिन साहिल ने खुद परिवार को फोन किया था। तब परिजन को शांति मिली थी। साहिल ने खुद पिता मुन्ना राय को फोन किया था, कहा था- ‘लड़ाई खत्म हो गई है। मैं घर आ रहा हूं।’पिता के मुताबिक, साहिल की गुरुवार को रात में ट्रेन थी। सुबह में वे दोस्तों के साथ नैनीताल घूमने निकल गए। रास्ते में तालाब में नहाने के दौरान ये हादसा हुआ। साहिल मार्च में घर आए थे। करीब 10 दिन रुकने के बाद वापस ड्यूटी पर लौट गए थे।

 

कल सुबह तक पार्थिव शरीर मुजफ्फरपुर पहुंचने की संभावना

 

साहिल के चाचा टुनटुन यादव ने कहा, वो घर आने वाला था। हमलोग उसका इंतजार कर रहे थे। परसों ही हमारी साहिल से बात हुई थी। छुट्‌टी मिलने के बाद वो काफी खुश था। हमलोग भी काफी उत्साहित थे कि वो लंबे समय के बाद घर आ रहा है। चार महीने पहले वो आया था।

 

मैंने उससे कहा था- ‘फ्लाइट से मत आना। प्लेन के सफर में काफी हादसे होते हैं।’ इसपर साहिल ने कहा था- ‘हां मैं प्लेन से नहीं आऊंगा। ट्रेन से ही आ रहा हूं।’ मैंने उससे कहा था- ‘सुरक्षित घर पहुंच जाना।’फोन पर साहिल ने कहा था- ‘घर आने से पहले मैं अपने दोस्तों के साथ घूमने के लिए जा रहा हूं। रात में ट्रेन में बैठूंगा।’

 

चाचा ने कहा, ‘अगर हादसा नहीं हुआ होता तो आज वो घर में अपने परिवार के साथ रहता।’

 

 

गुरुवार को दोपहर 3:24 में एयरफोर्स के अधिकारियों ने फोन किया था। उन्होंने ही बताया कि वे 8 लोग थे, 2 की मौत हो गई। 6 लोग बचे हैं। अभी पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया चल रही है। हमारी टीम पार्थिव शरीर को घर तक सुरक्षित पहुंचाएगी। हमें बताया गया है कि पार्थिव शरीर कल सुबह तक टीम लेकर पहुंचेगी।

 

गांव का पहला लड़का जिसने एयरफोर्स ज्वाइन किया

 

साहिल को बचपन से पढ़ाने वाले शिक्षक अविनाश कुमार ने कहा, ‘साहिल बचपन से काफी मेधावी छात्र था। उसके पिता मेरे दोस्त हैं। शहर में हमलोग आस-पास रहते थे। साहिल में अलग तरह की क्षमता थी। पढ़ाई के साथ साथ उसका व्यवहार भी काफी अच्छा था।’साहिल में संस्कार कूट-कूटकर भरा था। हमलोग समझ गए थे कि साहिल भविष्य का कोहिनूर है और कोहिनूर बना भी है। 10वीं पास करने के बाद साहिल को विज्ञान विषय में थोड़ी परेशानी हुई। मेरे सम्पर्क के बेहतर शिक्षकों से उसको पढ़वाया।’

 

‘साहिल गांव का पहला लड़का था, जिसने एयरफोर्स में जॉइन किया था। उसके ज्वॉइनिंग के बाद गांव के सैकड़ों युवाओं ने भी तैयारी शुरू कर दी। किसी को कोई दिक्कत होती थी, तो साहिल उसको मार्गदर्शन देता था।

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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