Samastipur

कुंभ में परिवार से बिछड़ी, 4 महीने बाद मिली:सड़क पर भटक रही थी महिला, मां समझकर घर लाया टीचर

समस्तीपुर.कुंभ में अपने परिजनों से बिछड़ी बुजुर्ग महिला 4 महीने बाद अपने परिवार के सदस्यों से मिली। 4 महीने तक बुजुर्ग महिला को एक टीचर ने अपने साथ रखा था।टीचर को पता चला कि बुजुर्ग महिला मुजफ्फरपुर की रहने वाली हैं। इसके बाद शिक्षक ने रामपरी देवी (70) के परिवार से संपर्क किया।

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27 जून को दो बेटों को उनकी मां मिल गई। परिवार अब काफी खुश है।

 

मुजफ्फरपुर की रामपरी देवी 20 फरवरी को परिवार के साथ कुंभ में नहाने गई थीं। महिला ने जैसे ही डुबकी लगाई, वो लापता हो गईं। बेटों ने बहुत देर तक भीड़ में अपनी मां को खोजा पर वो नहीं मिली। परिवार ने सोचा कि वो डूब गईं।परिवार मायूस होकर घर लौट आया। उधर, रामपरी देवी 6 दिन बाद 26 फरवरी को समस्तीपुर पहुंच गईं।

 

सड़क पर भूखे-प्यासे भटक रही थीं। बच्चे पागल समझकर पत्थर मार रहे थे। इसी बीच वहां से गुजर रहे एक सरकारी टीचर गंगा राम की नजर रामपरी देवी पर पड़ी तो उन्होंने उनको बचाया।शिक्षक को रामपरी अपनी मां जैसी लगीं। वो उन्हें अपने घर ले गए और अपने परिवार के सदस्यों के साथ उनको भी साथ रखा।

 

प्रयागराज से किसी ने रामपरी देवी को बिहार की ट्रेन में बैठाया

 

कुंभ में परिवार से बिछड़ने के बाद रामपरी देवी प्रयागराज रेलवे स्टेशन पहुंच गई थीं। वहां वो इधर-उधर घूम रही थीं। वहां किसी ने उन्हें बिहार की ट्रेन में बैठा दिया। ट्रेन से वो समस्तीपुर पहुंच गईं। उस वक्त महिला की हालत काफी खराब थी। समस्तीपुर के खानपुर में सरकारी टीचर ने बुजुर्ग को सहारा दिया। वो उन्हें अपने घर ले आए।

 

शिक्षक को बुजुर्ग ने बताया अपना पता

 

शिक्षक गंगा राम ने बताया कि ‘मैं जब महिला को अपने घर ले गया तो मेरे घर वालों ने विरोध नहीं किया। पत्नी रेखा उन्हें सास, बेटी निशा और मनीषा उन्हें दादी कहने लगी। पत्नी हमेशा उनके साथ रहने लगी।”हम लोगों ने उनका इलाज शुरू किया। इसके बाद उनकी स्थिति समान्य हुई। उन्होंने अपना घर मुजफ्फरपुर के औराई के मठना बथुआ गांव, बेटे का नाम उपेंद्र और सुरेंद्र महतो बताया।’

 

‘मेरा दोस्त विजय मुजफ्फरपुर के औराई में ही रहता है। मैंने उससे संपर्क किया। उसे बुजुर्ग के बारे में जानकारी दी। विजय ने मुझसे कहा कि इस तरह की घटना मेरे क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार के साथ हुई है। उनकी मां भी बिछड़ गई है। मैंने विजय से कहा कि परिवार से तुम संपर्क करो।’विजय ने उस परिवार से संपर्क किया तो वे लोग रामपरी के परिजन निकले। जिसके बाद मैंने उनसे संपर्क किया। उन्हें बताया कि आपकी मां मेरे पास सुरक्षित है। मैं उन्हें लेकर आपके पास आ रहा हूं।’

Pargati Singh

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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