सुजनी कला में हुनरमंद होने इटली से दलसिंहसराय पहुंची ईनरिका,कहा बिहार के खाने का स्वाद की एक अलग पहचान
दलसिंहसराय,इटली से बिहार के समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय पहुंची ईनरिका सुजनी कला सिख रही है.ईनरिका एक सप्ताह से दलसिंहसराय स्थित केवटा स्वस्ति सेवा समिति में महिलाओं के समूह के साथ रहकर ईनरिका सुजनी कला में हुनरमंद हो रही है.ईनरिका बताती है कि वह भारत के विभिन्न राज्य में विविध कलाओं के बारे में पढ़ी थी.जिसके बाद उसने मन बनाया कि भारत के राज्यों में घूम घूम कर पहले विविध कलाओं को सीखेंगी.अपने उस कला को सीखने की इच्छा को लेकर भारत यात्रा पर आई थी.
बिहार आने से पूर्व वह उड़ीसा स्थानीय चित्रकारी के गुर सीखने के बाद बिहार पहुंची है.जहां मधुबनी पेंटिंग के साथ सुजनी कला सिख रही है.बिहार को लेकर ईनरिका ने बताया कि यहां कि महिला आत्मनिर्भर है.यहां की महिलाएं पारंपरिक कलाओं से आत्मनिर्भर बन रही है.भारत की सभ्यता संस्कृति और कलाओं को मैं अपने देश मे प्रचारित प्रसारित करूंगी.
बिहार के खाने का स्वाद ही लाजबाव है ….
ईनरिका ने बताया कि बिहार के खाने का स्वाद की एक अलग होती है.मुझे चावल,दाल के साथ आलू का भुजिया बहुत ही अच्छा लगा है.लिट्टी चोखा भी स्वाद की तो बात ही अलग है. भारत कई सभ्यता संस्कृति को अपने आप में समाविष्ट है.बिहार की रहन सहन के साथ लोगों का स्वभाव की जितनी तारीफ की जाए वो कम होगी.
संस्कृति को समझे के लिए पहले कई महीनों तक हिंदी भाषा सीखी.उसके बाद भारत के राज्यों में घूमकर वहां की सभ्यता संस्कृति और कलाओं को सीखने की यात्रा शुरू की हूं.बिहार में बिहारी हिंदी के साथ भोजपुरी और मैथिली भाषा को सीखने का प्रयास कर रही हूं.मैं पिछले एक सप्ताह से समस्तीपुर के दलसिंहसराय स्थित स्वस्ति सेवा समिति में अनीता चौधरी के मार्गदर्शन में और संस्थान से जुड़ी डा कामनी कुमारी,सचिव उमाशंकर चौधरी,मुनमुन चौधरी सहित समूह से जुड़ी महिलाओं का भरपूर सहयोग मिला है
9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।
