Patna

आईआईटी पटना : 2016 में 10वें रैंक पर था, 8 वर्षों में गिरावट के बाद 2024 में 34वें स्थान पर पहुंचा

पटना.एनआईआरएफ की रैंकिंग के अनुसार इंजीनियरिंग कैटेगरी में आईआईटी की तुलना में एनआईटी पटना लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। आईआईटी पटना जो कभी इंजीनियरिंग कोटी में 10वें स्थान पर था वह लगातार हो रही गिरावट के चलते इस बार 34वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि पिछली बार की तुलना में इस कैटेगरी में आईआईटी को 41वां स्थान मिला था उसमें सुधार हुआ है।

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वहीं एनआईटी पटना ने लगातार तीसरे साल रैंकिंग में बढ़ोतरी हासिल की है। वहीं एनआईटी पटना को इसी कोटि में इस बार 55वां स्थान मिला था। पिछले साल इस कोटि में एनआईटी पटना को 56वां स्थान मिला था। आईआईटी पटना को ओवरऑल रैंकिंग में 73वां स्थान मिला है। पिछली बार आईआईटी पटना को ओवरऑल रैंकिंग में 66वां स्थान मिला था।

 

2016 में 10वें रैंक के बाद लगातार गिरता रहा रैंक

 

आईआईटी पटना खुद अपने लिए एक बड़ा चैलेंज बन गया है। जिस संस्थान को 2016 में दसवां रैंक हासिल हुआ था, वह खुद 8 सालों बाद गिरावट दर्ज कर 34वें स्थान पर पहुंच गया है। हालांकि बीच के सालों में थोड़ी सुधार लाने की कोशिश की थी।बता दे की आईआईटी पटना साल 2016 में दसवां रैंक हासिल किया था,2017 में 19वां,2018 में 24वां,2019 में 22वां 2020 में 26वां,2021 में 21वां,2022 में 33वां,2023 में 41वां,2024 में 34वां पर पहुंच गया है।वही एनआईटी पटना ने लगातार तीसरे साल रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन किया है।2022 में नौ स्थान की छलांग लगाई। वर्ष 2021 में 72वां स्थान मिला था तो 2022 में 63वां स्थान आया। वर्ष 2023 में सात पायदान की उछाल लगाई है और अब यह 56वें स्थान पर है। वर्ष 2016 से तुलना करें तो तब 87वां स्थान मिला था। आठ साल में 32 पायदान की बढ़ोतरी हासिल की है।बता दें कि एनआईआरएफ कई श्रेणियां के अंतर्गत संस्थाओं का मूल्यांकन करता है, इसमें व्यवस्था, अनुसंधान, छात्रों का प्लेसमेंट में प्रदर्शन और स्नातक के बाद उच्च शिक्षा अध्ययन के लिए छात्रों का चयन शामिल है।वहीं, एनआईआरएफ रैंकिंग में उच्च शिक्षा संस्थानों (एचईआई) की भागीदारी 2016 में 3,565 से बढ़कर 2024 में 10,845 हो गई है, जिसमें श्रेणियों और विषय डोमेन की संख्या 2016 में चार से बढ़कर 2024 में सोलह हो गई है।

 

101 से 300 के बीच राज्य का एक भी इंजीनियरिंग संस्थान नहीं

 

101 से 300 के बीच राज्य के एक भी इंजीनियरिंग संस्थान नहीं हैं। देशभर के 1463 इंजीनियरिंग कॉलेज शामिल हुए, जिसमें राज्य के सिर्फ 12 हैं। कुल 15 श्रेणी में रैंक जारी की गई है। चार श्रेणियों में राज्य में स्थापित एक भी केंद्रीय या राज्यस्तरीय संस्थान ने आवेदन नहीं किया है। इसमें रिसर्च इंस्टीट्यूट, ओपन यूनिवर्सिटी, इनोवेशन तथा स्किल यूनिवर्सिटी श्रेणी शामिल हैं। एनआईआरएफ रैंकिंग की सूची में पहली बार पटना विश्वविद्यालय और पटना वीमेंस कॉलेज शामिल हुए हैं। मेडिकल श्रेणी में एम्स पटना ने 26वीं रैंक प्राप्त की है। राज्य का प्रतिष्ठित पीएमसीएच रैंकिंग प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुआ। आईजीआईएमएस टाप-50 में स्थान नहीं बना सका। 182 संस्थानों में राज्य के सिर्फ तीन हैं।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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