Patna

“स्कूल टीचर पढ़ेंगे मैनेजमेंट,बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षक- छात्र को मिलेगा सम्मान,8 पन्नों का आदेश जारी

पटना.शिक्षा विभाग के नए प्रमुख सचिव डॉक्टर इस सिद्धार्थ शिक्षकों को मैनेजर बना रहे हैं। उन्हें स्कूल मैनेजमेंट का पाठ पढ़ा रहे हैं। क्लास मैनेजमेंट, स्कूल मैनेजमेंट स्टूडेंट मैनेजमेंट अभिभावक प्रबंधन का गुर सिखा रहें।

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शिक्षकों को बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ स्टूडेंट्स के पैरेंट्स को भी समझाना और सीखाना है। आईएएस डॉ सिद्धार्थ ने आठ पन्नों का शिक्षक मार्गदर्शिका जारी किया है। सभी डीईओ को गाइडलाइन भेजा गया है। हालांकि, एसीएस सिद्धार्थ प्रति माह प्रत्येक प्रखंड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसी एक शिक्षक, एक प्रतिभाशाली छात्र और छात्रा का चयन कर उन्हें सम्मानित करेंगे। सम्मान शिक्षा विभाग अपर मुख्य सचिव और प्रधान सचिव द्वारा दिया जाएगा। जल्द ही शिक्षा विभाग चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएगा।

शिक्षा अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने विद्यालय में शिक्षकों की भूमिका के संबंध में एक मार्गदर्शिका जारी की है। एसीएस के हाथों जारी गाइडलाइन में पांच श्रेणियां रखी गई है। स्टूडेंट्स मैनेजमेंट, विद्यालय प्रबंधन, कक्षा प्रबंधन, छात्र प्रबंधन और अभिभावक प्रबंधन करने को कहा गया है।

डॉ सिद्धार्थ ने यह विशेष रूप से कहा है कि किसी भी परिस्थिति में शारीरिक दंड का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। यह बच्चे के व्यवहार को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। आदेश में कहा गया है कि शिक्षकों को यह सुनिश्चित कराना है कि विद्यालय निर्धारित पोशाक में आएं और सभी विषयों के पाठ्य पुस्तकें उनके पास रहें।

विद्यालय प्रबंधन शीर्ष के तहत यह कहा गया है कि शिक्षक कक्षा प्रारंभ होने समय से 10 मिनट पहले विद्यालय आएंगे और ई-शिक्षा कोष एप के माध्यम से अपनी हाजिरी बनाएंगे। मार्गदर्शिका में आगे कहा गया है कि विद्यालय के प्रधानाचार्य के साथ बैठक कर उन्हें उस दिन की शिक्षण योजना पर विमर्श भी करना है। प्रतिदिन एक चेतना सत्र भी होगा, जिसमें नैतिक मूल्यों पर चर्चा होगी।

डॉ सिद्धार्थ ने आगे कहा है कि सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से शिक्षक शिक्षा संस्थानों में छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण पूरा करेंगे। किसी भी विद्यालय में अगर अप्रशिक्षित शिक्षक पाए गए तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मेन्यू के हिसाब मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

कक्षा प्रबंधन के तहत शिक्षकों को वर्ग मॉनिटर से अनुपस्थित विद्यार्थियों की संख्या को लिखवाना है। विषयवार शिक्षकों की कमी होने पर बहुस्तरीय कक्षा का संचालन किया जा सकता है। विद्यार्थी की डायरी को शिक्षक नियमित रूप से देखें यह निर्देश भी मार्गदर्शिका में है। वैसे विद्यार्थियों की पहचान करनी है जो कक्षा में अपने सहपाठियों एवं शिक्षकों के साथ स्वतंत्र भाव से आत्मविश्वास के साथ बातचीत नहीं करते हैं।स्टूडेंट यदि 3 दिन तक लगातार स्कूल नहीं आते हैं तो शिक्षक उनके पेरेंट्स को फोन पर बात कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें उन्हें स्कूल बुलाए।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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