Samastipur

समस्तीपुर में दवा दुकान के संचालन में अनियमितता को लेकर 82 दवा दुकानों के लाइसेंस निलंबित 

समस्तीपुर।दवा दुकान के संचालन में अनियमितता बरतने वाले दवा दुकानों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। बावजूद इसके दवा दुकानों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है और दवा दुकानों के द्वारा विभाग के नियमों की अनदेखी कर दवा की बिक्री की जा रही है। जिले में औषधि विभाग से निबंधित दवा दुकानों की संख्या 1625 है। पिछले साल 76 दवा दुकानों पर कार्रवाई की गई थी। जिसमें 75 दवा दुकानों को निलंबित और एक दवा दुकान के लाइसेंस को रद्द किया गया था।

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इस वर्ष अभी तक 7 दवा दुकानों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। उनसे दुकान से संबंधित कागजातों के साथ शो-कॉज किया गया है। नियमों को ताक पर रखकर दवा दुकानों का संचालन हो रहा है। औषधि विभाग द्वारा लगातार सख्ती के साथ कार्रवाई की जा रही है। अधिकांश दुकानों में परचेज बिल नहीं होता है। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवा बेचते हैं व शेड्यूल एच-1 रजिस्टर को मेंटेन नहीं करते हैं। वहीं अधिकांश दवा दुकानों पर बगैर डॉक्टर के पुर्जा के दावों की बिक्री की जाती है। बता दें कि दवा दुकान संचालक के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं। इसके अनुसार एक फार्मासिस्ट के सर्टिफिकेट पर केवल एक दवा की दुकान का संचालन हो सकता है।

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 2017-18 में यह नियम लागू किया था। । इसके साथ ही, दवा की मात्रा, लेने का तरीका, स्टोर करने का तरीका और दवा न ले पाने पर क्या करना चाहिए आदि को लेकर सलाह दे सकते हैं। औषधि नियंत्रक नीलिमा कुमारी ने बताया कि विभाग के निर्देश के आलोक में दवा दुकानों की जांच की जा रही है। विभाग के नियमों के अनुसार दवा दुकान का संचालन नहीं करते पाए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।

 

दवा दुकानों में जांच के लिए ड्रग इंस्पेक्टरों को दिया गया है टारगेट औषधि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ड्रग इंस्पेक्टरों को दवा दुकानों में जाकर प्रतिबंधित दवाओं की उपलब्धता, सब स्टैंडर्ड दवा, एक्सपायर हो चुकी दवाओं की जांच का निर्देश है। साथ ही उन्हें यह भी देखना है कि दवा दुकानदार उपभोक्ताओं से दवाओं की अधिक कीमत तो नहीं वसूल कर रहे हैं। जांच में दवा दुकान में प्रतिबंधित दवा पाए जाने पर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश है। इसके लिए सभी ड्रग इंस्पेक्टरों को दवा दुकान की जांच को लेकर टारगेट के साथ टास्क दिया गया है। बता दें कि औषधि विभाग के नियम के अनुसार दवा दुकानों पर एक फार्मासिस्ट रखना है।

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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