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पहले आओ पहले पाओ’ के आधार पर खोलें खुद का ‘बकरी फार्म’, इस स्कीम के जरिए सरकार दे रही मदद

‘पहले आओ पहले पाओ’ Subsidy for Goat Farm: Goat Farming: आज गाय-भैंस जैसे बड़े दुधारु पशुओं से किसान खूब मुनाफा कमा रहे हैं. यदि काम लागत में पशुपालन बिजनेस से जुड़ना चाहते हैं तो बकरी फार्म खोल सकते हैं. इस बिजनेस को बेहद कम खर्च से चालू कर सकते हैं, जिसके बाद धीरे-धीरे मुनाफा बढ़ता है और इसी से रोजगार के नए साधन बनते हैं. पहले समय में बकरी पालन का ज्यादा चलन नहीं था, लेकिन बकरी के दूध की बढ़ती उपयोगिता और बाजार डिमांड ने इस छोटे पशु की कीमत को बढ़ा दिया है. अब केंद्र और राज्य सरकारें भी इस पशुपालन व्यवसाय को खूब बढ़ावा दे रही हैं. एक तरफ राष्ट्रीय पशुधन मिशन (National Livestock Mission) के जरिए केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को आर्थिक मदद दी जाती है तो वहीं अब बिहार सरकार ने बकरी फार्म योजना (Goat Farm Scheme) के तहत बकरी पालन के लिए मदद का प्रावधान किया है.

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कहां करें आवेदन

बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘पहले आओ-पहले पाओ’ की तर्ज पर ही लाभार्थियों को चुना जाएगा, इसलिए किसान आर्थिक मदद, ट्रेनिंग और सर्टिफिकेशन के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए ऑफिशियल वेबसाइट  https://animal2018.ahdbihar.in/ पर या https://state.bihar.gov.in/ahd/CitizenHome.html पर आवेदन कर सकते हैं.

 

 

 

आवश्यक दस्तावेज

बिहार बकरी फार्म योजना में ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को कुछ आवश्यक दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी अटैच करनी होगी. आप चाहें तो ई-मित्र केंद्र या सीएससी सेंटर की मदद से भी ये काम कर सकते हैं.

 

 

 

जमीन के कागजात-लगान रसीद, लीज इकरारनामा, नजरी नक्शा

 

सरकारी संस्थान से बकरी पालन की ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र

 

आवास प्रमाण-पत्र, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र

 

आवेदन का फोटो, आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड

 

बैंक पासबुक की कॉपी या बैंक डीटेल

 

 

3 से 4 गुना ज्यादा मुनाफा

इन दिनों वैज्ञानिक बकरी पालन का चलन बढ़ रहा है. छोटे और गरीब किसान, जो गाय-भैंस जैसे बड़े दुधारु पशु नहीं खरीद पाते, वो बकरी पालन करके अपनी आमदनी बढ़े रहे हैं. इस बिजनेस में खर्च और जोखिम दोनों ही काफी कम है. सूखाग्रस्त इलाकों में भी बकरियों को पालने के लिए अधिक खर्च नहीं करना पड़ता.

 

 

इनके चारे से लेकर रखरखाव का काम भी बेहद आसान है. फिर आप चाहें तो बकरी की ब्रीडिंग करके अपने बकरी फार्म का विस्तार कर सकते हैं. बाजार में बकरी के दूध, मांस और चमड़े की काफी डिमांड रहती है.

 

ऐसे में व्यावसायिक दृष्टि से ब्लैक बंगाल बकरी और बीटल बकरी का चयन कर सकते हैं. दूध और ब्रीडिंग के लिए राजस्थान की सिरोही, बीटल, सोजात और उत्तर प्रदेश में बरबरी, जमुनापारी, ब्लैक बंगाल और बीटल बकरी आदि प्रमुख नस्लों को सबसे अच्छा माना जाता है.

Kunal Gupta

9 साल का पत्रकारिता का अनुभव।प्रभात खबर में कार्यरत, साथ ही बिहार न्यूज tv, आज अख़बार, दैनिक भास्कर में कार्य का अनुभव।कंटेट राइटर, एडिटिंग का कार्य,पत्रकारिता की हर विधा को सीखने की लगन।

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