Begusarai

बेगूसराय:नेताओं के नाम पर सड़क के गड्ढों के नाम:गांव के लोगों ने पोस्टर लगाकर विरोध जताया

बेगूसराय के वीरपुर प्रखंड के पर्रा पंचायत के लोगों ने सड़क के गड्ढों का नाम नेताओं के नाम पर रख दिया। पर्रा-सरौंजा पथ की जर्जर और नारकीय स्थिति से लंबे समय से परेशान ग्रामीणों ने शनिवार को सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों का नामकरण प्रमुख जनप्रतिनिधियों व मंत्रियों के नाम पर कर दिया।

Dss WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
bihar whatsapp Channel Join Now

 

 

इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के तहत ग्रामीणों ने सड़क के चुनिंदा गड्ढों का नाम गिरिराज सिंह कुंड, कुंदन कुमार कुंड और शैलेंद्र कुमार कुंड रखा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क के गड्ढों में प्रतीकात्मक रूप से पोस्टर और पौधे लगाकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की।ग्रामीण ऋषभ कुमार ने बताया कि पर्रा-सरौंजा पथ कई दशकों से जर्जर और दयनीय स्थिति में था। पिछले कार्यकाल के दौरान तात्कालीन विधायक अमिता भूषण के विशेष प्रयासों से इस सड़क का पुनर्निर्माण कराया गया था।

 

पुनर्निर्माण के बाद कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों को आवागमन में राहत मिली। लेकिन 2020 में कुंदन सिंह के विधायक चुने जाने के बाद पिछले करीब छह वर्षों से इस सड़क की मरम्मत की दिशा में कोई पहल नहीं की गई।नतीजा यह हुआ कि देखभाल के अभाव में यह सड़क एक बार फिर से पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। वर्तमान में इस सड़क पर जगह-जगह इतने बड़े और गहरे गड्ढे बन चुके हैं कि राहगीरों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों के लिए इस सड़क से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक कागजों और दावों में पर्रा पंचायत को एक मॉडल पंचायत का दर्जा दिया जाता है।गांव के लोगों ने कहा कि यहां की मुख्य सड़क की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि अब यह समझ पाना मुश्किल हो गया है कि सड़क में गड्ढे हैं या फिर गड्ढों के बीच थोड़ी बहुत सड़क बची हुई है।

 

खासकर बरसात के मौसम में इन बड़े-बड़े गड्ढों में गंदा पानी भर जाता है, जिसके कारण आए दिन बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग दुर्घटना का शिकार होकर चोटिल होते रहते हैं।जलजमाव के कारण गड्ढों की गहराई का अनुमान लगाना असंभव हो जाता है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका बनी रहती है।

 

ग्रामीण पप्पू सहनी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि सड़क की इस बदहाली से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है। राजनेता और जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे लेकर वोट मांगने के लिए गांवों में आते हैं।

 

पप्पू सहनी ने बताया कि चुनाव समाप्त होने के बाद वे क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं और जनता के दर्द से पूरी तरह मुंह मोड़ लेते हैं।ग्रामीणों ने स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह, क्षेत्रीय विधायक कुंदन कुमार और बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेंद्र कुमार से मांग किया है कि इस जर्जर सड़क का अविलंब पुनर्निर्माण कराया जाए ताकि आम जनता को इस नरकीय जीवन से मुक्ति मिल सके।

 

ग्रामीणों ने कहा है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया और सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो चुप नहीं बैठेंगे। इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

Anaya

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *