मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़! घर में लगी थीं वेल्डिंग-ड्रिल मशीनें, 80 कारतूस बरामद
पूर्णिया. जिले के रूपौली थाना क्षेत्र के मैना भगवानपुर में पुलिस ने मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. गुप्त सूचना के आधार पर बीती रात की गई छापेमारी में पुलिस ने कई देसी हथियार, 80 जिंदा कारतूस और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें व औजार बरामद किए हैं. इस कार्रवाई में एक पुराने दागी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है. एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर धमदाहा एसडीपीओ अजीत प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की. गिरफ्तार आरोपी की पहचान अक्कल मंडल उर्फ अखिलेश मंडल (46), निवासी मैना भगवानपुर वार्ड संख्या-06 के रूप में हुई है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी के खिलाफ रूपौली थाना में पहले भी हत्या और आर्म्स एक्ट से संबंधित मामला दर्ज रहा है. पुलिस रिकॉर्ड में रूपौली थाना कांड संख्या-18/03, दिनांक 11 फरवरी 2003 का उल्लेख है.
कट्टा, पिस्तौल और बैरल समेत कई हथियार बरामद
पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से 12 बोर का एक देसी पिस्तौल, सात लोहे के देसी कट्टे, एक लोहे का रिवॉल्वर और 12 छोटे-बड़े बैरल बरामद किए गए. इसके अलावा अर्द्धनिर्मित कट्टों के पांच पिछले और चार अगले हिस्से तथा हथियारों के अन्य पुर्जे भी जब्त किए गए. पुलिस ने मौके से कुल 80 जिंदा कारतूस बरामद किए. इनमें 12 बोर के 28 राउंड, 7.62 एमएम के 23 जैकेटेड कारतूस और 29 कारतूस बिनटोलीया शामिल हैं. इसके साथ ही 16 खाली खोखे भी जब्त किए गए हैं.
घर में लगा रखा था हथियार बनाने का मशीन सेटअप
छापेमारी के दौरान पुलिस को हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और औजारों का बड़ा जखीरा मिला. बरामद मशीनों में क्राइस मशीन, हैंडल मशीन, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक लकड़ी छीलने वाली मशीन, आरी मशीन और बैरल बनाने वाली मशीन शामिल हैं. इसके अलावा 44 ड्रिल मशीन बिट, 10 रिंग रिंच, पांच ओपन रिंच, सॉकेट, स्क्रूड्राइवर, हथौड़ी और बसूली समेत कई उपकरण भी बरामद किए गए. पुलिस के मुताबिक, मौके से हथियारों के निर्माण और मरम्मत में इस्तेमाल होने वाले अन्य औजार भी मिले हैं.
दो मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये नकद जब्त
पुलिस ने मौके से सैमसंग और नोकिया कंपनी के दो मोबाइल फोन तथा 25 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं. मोबाइल में लगे सिम और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां तैयार किए जा रहे अवैध हथियारों की सप्लाई कहां और किन लोगों को की जाती थी. साथ ही इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है.
एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित टीम ने की कार्रवाई
छापेमारी टीम में धमदाहा एसडीपीओ अजीत प्रताप सिंह चौहान, रूपौली अंचल के सर्किल इंस्पेक्टर कुंदन कुमार चौधरी, थानाध्यक्ष अभय रंजन सहित मोहनपुर थाने की पुलिस और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अवैध हथियार निर्माण और उसकी सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
