Patna

बाढ़ के कारण बदला शेड्यूल,शिक्षक ट्रांसफर टला, अब 4 अक्टूबर से आवेदन होगा

पटना,बिहार में सरकारी शिक्षकों के ट्रांसफर का इंतजार और लंबा हो गया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति और प्राकृतिक आपदा के कारण शिक्षा विभाग ने तीसरे चरण (सामान्य/ऐच्छिक स्थानांतरण) का शेड्यूल आगे बढ़ा दिया है। अब संशोधित विद्यालयवार रिक्तियों का प्रकाशन 1 अक्टूबर को होगा और शिक्षक 4 से 10 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। उप सचिव अजय सतीश भेंगरा ने अधिसूचना जारी कर दी है।

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इधर, पहले और दूसरे चरण (सरप्लस व म्यूचुअल) के बाद विरोधाभासी स्थिति बनी हुई है। रसूख और आपसी तालमेल के बल पर घर के पास कार्यरत शिक्षकों का तबादला और करीब हो गया। वहीं, 8-10 वर्षों से सुदूर, दियारा या पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात शिक्षक अब भी अटके हैं। कुल 73 हजार आवेदकों में से 52 हजार का ट्रांसफर हुआ, जबकि 21 हजार शिक्षक अब भी जिला शिक्षा कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। यदि इन शिक्षकों का तबादला निरस्त होता है, तो नियम लागू होने के कारण उन्हें सीधे 5 साल यानी 2031 तक इंतजार करना पड़ेगा। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि शिक्षकों को गृह कैडर देने के लिए प्रक्रिया चल रही है।

 

नया शेड्यूल…जानिए अब कब क्या होगा

 

01 अक्टूबर: समायोजन व पारस्परिक स्थानांतरण के बाद संशोधित रिक्तियों का प्रकाशन।

04 से 10 अक्टूबर: सामान्य (ऐच्छिक) स्थानांतरण के लिए शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन व विकल्प चयन।

12 अक्टूबर से 18 नवंबर: स्थापना समिति द्वारा सूची का प्रकाशन, स्थानांतरण और अपीलों का निष्पादन।

देरी का कारण: जिलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति, प्राकृतिक आपदा और तकनीकी-व्यवहारिक कठिनाइयां।

 

ग्राउंड रियलिटी-संपर्क वालों को लाभ, बाकी कतार में

 

घर के पास पहुंचे: पटना की निधि सिंह (नौबतपुर से एजी कॉलोनी- 1.5 किमी दूर) और ज्योति कुमारी (दौलतपुर से मीठापुर) को मनपसंद पोस्टिंग मिल गई। इंतजार जारी: बेगूसराय की प्रियंका (3 साल से प्रयासरत), मोतिहारी की सुशीला और पूर्वी चंपारण के विजय (सरप्लस) का ट्रांसफर नहीं हुआ। नेटवर्किंग का खेल: म्यूचुअल ट्रांसफर में आपसी संपर्क काम आया।

 

असंतुलन की चुनौती

 

तबादला नीति के पहले दो चरणों में सूचना और आपसी संपर्क वाले शिक्षकों ने सुगम शहरी स्कूलों में जगह बना ली। दूर-दराज के शिक्षकों के आवेदन लटक गए। तारीखें आगे बढ़ी है। पर अब यदि पारदर्शी आवंटन और प्राथमिकताओं का कड़ाई से पालन नहीं हुआ, तो असंतुलन बना रहेगा।

Anaya

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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