लॉरेंस बिश्नोई गैंग का हथियार तस्कर नेटवर्क बिहार में एक्टिव,श्रेयांश यादव पकड़ाया,मास्टरमाइंड था
पटना : कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अंतरराज्यीय हथियार सिंडिकेट का यूपी एसटीएफ ने खुलासा किया है, जिसके तार सीधे बिहार से जुड़े मिले हैं. एसटीएफ ने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गोपालगंज के श्रेयांश यादव उर्फ बबलू समेत कुल पांच तस्करों को गिरफ्तार किया है.
इस गिरोह के पास से चार पिस्टल, चार मैगजीन, एक रिवाल्वर, पांच कारतूस, एक बाइक और एक स्कूटी बरामद हुई है. सभी आरोपितों पर आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है. नेटवर्क का मास्टरमाइंड पश्चिम चंपारण का शशांक पांडेय बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में एजेंसियां जुटी हैं.
गोपालगंज के श्रेयांश की थी मुख्य भूमिका
गिरफ्तार बदमाशों में गोपालगंज के विजयीपुर निवासी श्रेयांश यादव उर्फ बबलू अहम किरदार निभा रहा था. एसटीएफ ने उसे देवरिया के अजीत यादव और गोरखपुर के अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, राहुल गुप्ता व अभिषेक प्रजापति के साथ विंध्यवासिनी पार्क के पास से दबोचा.
पूछताछ में पता चला है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से आधुनिक हथियार लाकर पूर्वांचल और सीमावर्ती बिहार में खपाता था. आरोपितों ने तीन वर्षों में 100 से 150 पिस्टल बेचने की बात कबूल की है.पूरे रैकेट को बिश्नोई गैंग से जोड़ने वाला मुख्य सूत्रधार पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटाड़ थाना क्षेत्र के चुठहा गांव का शशांक पांडेय है. पिता के निधन के बाद अपराध की राह पकड़ने वाला शशांक वर्ष 2021 के आसपास बिश्नोई गैंग के संपर्क में आया. इसके बाद वह हरियाणा समेत आसपास के राज्यों में हत्या, लूट और अवैध असलहा सप्लाई करने लगा और वारदातों के बाद गोरखपुर व बिहार के ठिकानों पर छिपता था.
एनआईए के रडार पर भी रहा है मास्टरमाइंड
शशांक को 24 जुलाई 2022 को अंबाला पुलिस ने असलहों के साथ पकड़ा था. इसके बाद 27 सितंबर 2023 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जब देशभर में बिश्नोई गैंग के ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब भी टीम शशांक की तलाश में गोरखपुर पहुंची थी.
सस्ते में खरीदकर मोटी रकम में बेचते थे पिस्टल
यह सिंडिकेट 30 से 40 हजार रुपये में पिस्टल खरीदकर अपराधियों को 1 से 1.5 लाख रुपये में बेचता था. हाल ही में एक पीएसी जवान और उसके साथी ने हत्या की नीयत से इसी गिरोह से डेढ़ लाख रुपये में पिस्टल ली थी. पुलिस अब श्रेयांश व उसके साथियों के मोबाइल डेटा और बैंक खातों की जांच कर बिहार में फैले नेटवर्क व खरीदारों का पता लगा रही है.
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
