Samastipur

कोबरा लेकर समस्तीपुर हॉस्पिटल पहुंचा युवक, बोला-डॉक्टर साहब, बचा लीजिए

समस्तीपुर में एक युवक कोबरा सांप को डिब्बे में बंद कर अस्पताल पहुंच गया। अस्पताल पहुंचने के बाद उसने कहा- ‘डॉक्टर साहब, मुझे नाग ने डसा है, इलाज कर दीजिए।’युवक ने बताया कि सांप के डसने के बाद उसने उसे पकड़ लिया और डिब्बे में बंद कर दिया। इसके बाद बाइक चलाकर करीब 3 किलोमीटर दूर सदर अस्पताल पहुंचा।

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15 मिनट में अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने तत्काल उसका इलाज शुरू किया। जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों ने रातभर इलाज के दौरान उसे एंटी-स्नेक वेनम की 20 वायल दीं। इसके बाद युवक की जान बच सकी। घटना सदर प्रखंड के भूईधारा इलाके की है।

 

हरपुर एलोथ निवासी घायल उमेश भगत ने बताया, “मुझे सांप पकड़ने का शौक है। मंगलवार शाम भूईधारा शनिचरा स्थान निवासी अवधेश कुमार ने फोन कर घर में नाग (गेहूंमन) घुसने की सूचना दी।मैं तत्काल सांप पकड़ने उनके घर पहुंच गया। सामान हटाने के दौरान मुझे नाग (गेहूंमन) दिखाई दिया। मैं नाग (गेहूंमन) को पकड़ने ही वाला था कि अवधेश का छह साल का बेटा अचानक सांप की ओर बढ़ गया।

 

नाग (गेहूंमन) बच्चे को डंसने के लिए बढ़ा तो मैंने अपना बायां हाथ आगे कर दिया। नाग (गेहूंमन) ने बच्चे के बजाय मेरी हथेली के ऊपर डंस लिया।”नाग (गेहूंमन) के डंसने के दौरान उसका दांत मेरी हथेली में फंस गया था। इसके बावजूद मैंने घबराए बिना दूसरे हाथ से नाग (गेहूंमन) को पकड़ लिया। इसके बाद उसे एक प्लास्टिक के डिब्बे में बंद किया और खुद बाइक चलाकर सदर अस्पताल पहुंच गया। यहां पहुंचने के बाद मैंने डॉक्टरों को सांप दिखाया और बताया कि इस सांप ने मुझे 15 मिनट पहले काटा है। मैंने डॉक्टरों से कहा कि मेरा इलाज कीजिए।

 

 

 

अस्पताल में इलाज के दौरान उमेश, जिसे सांप ने डंस लिया था।

उमेश ने बताया, “सदर अस्पताल में इलाज के दौरान जहर का असर बढ़ने से मैं बेहोश हो गया। सुबह जब मुझे होश आया तो पता चला कि डॉक्टरों ने रातभर मेरा इलाज किया। मुझे करीब 20 वायल एंटी-स्नेक वेनम दी गईं, जिससे मेरी जान बच सकी।”

 

इलाज करने वाले डॉक्टर बोले- मरीज की हालत ठीक है

 

सदर अस्पताल में उमेश का इलाज करने वाले डॉक्टर जीवछ कुमार ने बताया कि अस्पताल पहुंचने के समय उमेश की स्थिति ठीक थी, लेकिन धीरे-धीरे जहर का असर बढ़ने से वे बेहोश हो गए।रातभर इलाज के बाद उन्हें होश आया और उनकी स्थिति सामान्य हो गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

 

वहीं, उमेश ने बताया कि वह नाग (गेहूंमन) को किसी दूर जंगल वाले इलाके में ले जाकर छोड़ देंगे। उन्होंने बताया, “इससे पहले भी मैं कई जहरीले सांपों को पकड़कर वन विभाग के हवाले कर चुका हूं।

Anaya

न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।

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