समस्तीपुर भोला टॉकीज आरओबी निर्माण की धीमी रफ्तार,लोगों के लिए परेशानी का सबब
समस्तीपुर.ताजपुर रोड स्थित भोला टॉकीज रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। निर्माण की रफ्तार धीमी होने के साथ कई बार काम बंद रहने से आवागमन प्रभावित है। निर्माण स्थल के आसपास सड़क की स्थिति ऐसी है कि पैदल राहगीरों से लेकर दोपहिया और छोटे चारपहिया वाहन चालकों तक को जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक कई लोग असंतुलित होकर गिरने से चोटिल हो चुके हैं। वहीं, कुछ तिपहिया वाहन भी निर्माण स्थल के आसपास पलट चुके हैं।आरओबी निर्माण के कारण बड़े वाहनों के परिचालन के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है।
भारी वाहनों को दूसरे रूट से निकाला जा रहा है। हालांकि, छोटे वाहनों और स्थानीय लोगों के लिए निर्माण स्थल के आसपास से आवागमन जारी है। सड़क पर निर्माण सामग्री, गड्ढे और संकरे रास्ते के कारण यहां हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर शाम और रात के समय परेशानी और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरओबी का निर्माण शुरू होने के बाद उम्मीद थी कि काम तेजी से पूरा होगा और जल्द ही शहर को जाम से राहत मिलेगी। लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति के कारण लोगों की मुश्किलें कम होने के बजाय बढ़ती जा रही हैं।
कई बार काम की गति काफी धीमी हो जाती है और कभी-कभी निर्माण कार्य बंद भी दिखाई देता है। इससे लोगों में नाराजगी है।लोगों का कहना है कि यदि निर्माण एजेंसी को लगातार काम करने में किसी तरह की बाधा है तो संबंधित विभाग को उसे दूर कराकर काम की रफ्तार बढ़ानी चाहिए। निर्माण स्थल पर सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
चर्चा है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण भी परियोजना की गति प्रभावित हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, कुछ रैयतों को भूमि का भुगतान किया जाना अभी शेष बताया जा रहा है। पूसा रोड और ताजपुर रोड क्षेत्र में ही भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जानी है। वहीं, बस स्टैंड से भोला टॉकीज गुमटी तक उपलब्ध सरकारी जमीन परियोजना के लिए काफी होने की बात भी कही जा रही है। सवाल है कि यदि सरकारी जमीन उपलब्ध है तो शेष प्रक्रिया को जल्द पूरा कर तेजी क्यों नहीं लाई जा रही है।
न्यूज़ टू बिहार में कई सालो में काम करने के साथ,कंटेट राइटर, एडिटिंग का काम कर रही।3 साल का पत्रकारिता में अनुभव।
